कहते है कि कुत्ते से ज़्यादा वफादार जानवर कोई नहीं होता और तो और आपको बतादे कि आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहे है जिसे सुनकर आपका भी दिल भर आए. और आप भी इस पालतू कुत्‍ते की वफादारी के कायल हो जायेंगे जिसने तीन साल बंद दरवाजे पर अपने मालिक का इंतजार किया।

ये पूरा मामला है दक्षिण कोरिया के बुसान शहर का. जहां एक बुजुर्ग महिला सड़क से एक छोटे से कुत्‍ते को अपने घर ले आईं। कुत्‍ते को नाम मिला फू शी, मालिक और वफादार कुत्‍ते की जोड़ी ने साथ में काफी अच्‍छा वक्‍त बिताया। खुशहाली की ये कहानी उस समय जब दुख में बदल गई जब महिला को ब्रेन हैम्‍ब्रेज के चलते अस्‍पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। कुत्‍ते को ये पता ही नहीं था कि उसकी दोस्‍त और मालकिन अब नहीं रही।

तीन साल तक फू शी दिन भर सड़कों पर भटकता और शाम होते ही घर के दरवाजे पर आ कर बैठ जाता। सारी रात वहीं बिताता और पड़ोसियों के फेंके खाने पर अपना गुजारा करता। कुत्‍ते की मालकिन के पड़ोसियों ने बताया कि तीन साल से बिना नागा उसे घर के दरवाजे पर ईमानदारी से इंतजार करते देखा गया।

आखिर एक दिन किसी ने लावारिस पशुओं की देखभाल करने वाले विभाग को सूचना दी और वो उसे अपने साथ ले गए। वहां डाक्‍टरों ने जब फू शी की जांच की तो पता चला कि आठ साल के इस वफादार पशु को आंत के कीड़े हो गए थे। इसके बाद फू शी का पूरा इलाज किया गया। अब वो ठीक है और सोशल मीडिया पर वायरल हुई उसकी कहानी को सुन कर एक परिवार ने उसे एडाप्‍ट कर लिया है