हाल ही में सोशल मीडिया पर जजों की कॉन्फ्रेंस के बाद विवाद सा खड़ा हो गया वहीँ विशेष सीबीआई जज लोया कि मौत के मामले में सुनवाई कर रही देश की सर्व्वोच अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को लोया केस के सभी कागजात याचिकाकर्ताओं को सौंपने का आदेश दिया है. मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार ने जज लोया की मौत संबंधी कागजात सील कवर में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किये थे.

आपको बतादे कि गोपनीयता का हवाला देते हुए महाराष्ट्र सरकार ने याचिकाकर्ताओं को ये कागजात किसी के साथ साझा नहीं करने की बात कही है. महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए हरीश साल्वे ने कोर्ट में कहा कि इनमें से कुछ कागजात संवेदनशील हैं. इन कागजातों को याचिकाकर्ता किसी के साथ साझा नहीं करें.

इतना ही नहीं कोर्ट ने आगे कहा कि हमें भरोसा है कि याचिकाकर्ता इसका गोपनीयता बरकरार रखेंगे. जस्टिस अरूण कुमार मिश्र और एम शान्तणागोडेर की पीठ ने कहा कि 10 दिन बाद सुनवाई करेंगे, लेकिन कोई तारीख तय नहीं की गई है. संभाजी लोने ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जज लोया की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग की है.

लेकिन 1 दिसंबर, 2014 को नागपुर में अपने सहयोगी न्यायाधीश की पुत्री के विवाह में शामिल होने पहुंचे जज लोया की कथित रूप से हृदय गति रुक जाने से उनकी मृत्यु हो गयी थी. और उन्होंने आगे कहा कि इस तरह से ये मामला ऊपर होता जा रहा है.