हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर तुर्की से आ रही है जहां तुर्की देश में 18 मिलियन प्राथमिक और उच्च विद्यालय हैं, इन विद्यालय के छात्रों को उर्दू और मलय सीखने का एक मौका दिया गया है तुर्की पाठ्यक्रम में उर्दू और मलय भाषा का उपयोग एक वैकल्पिक भाषाओँ के रूप में किया जायेगा.

इतना ही नहीं यह कदम चीनी, कोरियाई और फारसी शामिल करने के लिए राज्य के प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में दी जाने वाली भाषाओं के विस्तार का अनुसरण करता है. शिक्षा मंत्रालय से अल्पासन डर्मस ने कहा कि नए पाठ्यक्रम की तैयारी में विशेषज्ञों, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों से प्रतिक्रिया का उपयोग किया गया है.

आपको बतादे कि क्रांतियां कभी आसान नहीं होती हैं हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि कुछ श्रेणियों में, हम असफल हुए हैं, गणितीय प्रतिभाशाली मिलेटस के थेल्स त्रिकोणमिति नहीं जानते थे और हम इसे अपने बच्चों को पढ़ाने पर जोर देते हैं, इसे बदल नहीं सकते क्योंकि गणितज्ञ इसके खिलाफ हैं विश्वविद्यालयों में इंजीनियरिंग पढ़ाने वाले लोगो को त्रिकोणमिति सीखना चाहिए.

उन्होंने हमने 11 वीं कक्षा में जिहाद की अवधारणा को सिखाने का फैसला किया है, हमने इस तथ्य को रेखांकित किया है कि इस्लाम में जिहाद का पूरी तरह से मतलब युद्ध नहीं है, बल्कि इसका मतलब यह है कि लोगों को बुराई पर अपना मुकाबला करने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश के संस्थापक मुस्तफा केमाल अतातुर्क के बिना कोई पाठ्यक्रम पूरा नहीं होगा