जहां एक तरफ हिन्दू मुस्लिम के नाम पर राजनितिक पार्टियां अपना फायदा उठा रही है वहीँ अब हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमे ये बात साबित होती नज़र आ रही है कि हिन्दू मुस्लिम सिर्फ राजनीती में ही है इसके अलावा आम जन में बिलकुल भी नहीं है.

जी हाँ आपको बतादे कि जमीयत उलमा ए हिंद (महमूद मदनी गुट) ने जुर्माना अदा ना कर पाने की वजह से तिहाड़ जेल में कैद आठ हिंदू कैदियों को आजाद कराया है। तिहाड़ जेल प्रबंधन ने जमीयत उलमा ए हिन्द के इस कार्य की प्रशंसा की है। जमीयत उलमा ए हिंद ने पिछले साल दस जुलाई को ऐसे कैदियों को आजाद कराने के लिए मुहिम छेड़ी थी.

इतना ही नहीं 15 जनवरी को जमीयत के प्रतिनिधिमंडल ने तिहाड़ जेल प्रबंधन से मुलाकात कर उन्हें ऐसे कैदियों की सूची मुहैया कराने की फिर मांग की थी। बीते शुक्रवार को जमीयत ने अपने पास से जुर्माना भरते हुए तिहाड़ जेल में बंद चमन, धीरज, भीमसेन, कालू भाई अमित, संजीव, उदय राणा समेत आठ कैदियों को आजाद कराया है।

कैदियों में बदायूं निवासी 75 वर्षीय एक ऐसा कैदी भी शामिल है जो जुर्माना अदा न कर पाने के चलते पिछले अठारह सालों से जेल में ही बंद था। जमीयत उलमा ए हिद के सचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने बताया कि ऐसे बहुत से कैदी हैं जो जुर्माना अदा न कर पाने के कारण जेलों में ही बंद हैं। जमीयत उलमा ए हिन्द का गौरवशाली इतिहास रहा है