अभी हाल ही में बड़ी मुश्किल से कासगंज दंगे की आग शांत हुई है. वहीँ दूसरी और कुछ लोग फिर से इस हिंसा को भड़काने की कोशिश में जुटे है. इसी मामले में पुलिस ने सोशल नेटवर्किंग पर भड़काऊ पोस्ट डालने को लेकर ग्रुप एडमिन को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी फरार है. अब देखना ये है कि आखिर इस मामले में आगे क्या होता है.

इतना ही नहीं गंजडुंडवारा में नक्षत्र कम्प्यूटर के नाम से व्हाटसएप पर चल रहे ग्रुप में कासगंज हिंसा मामले में लगातार अजय गुप्ता की ओर से एक भड़काऊ पोस्ट वायरल की जा रही थी. जिसके चलते कोतवाल लक्षमण सिंह ने व्हाटसएप ग्रुप के एडिमन रामसिंह को गिरफ्तार किया. हालांकि उसका साथी अजय गुप्ता फरार हो गया जिसको पकड़ने में पुलिस जुटी हुई है.

इस मामले में एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने कहा है कि, कासगंज दंगे से संबंधित अगर कोई आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो या संदेश वायरल करता है तो उसे एसआईटी जांच के दायरे में लाया जा सकता है, दंगे की जांच एसआइटी कर रही है. उन्होंने बताया, पुलिस ने कासगंज जिले में अफवाहों पर रोक लगाने के लिए एक नंबर जारी किया है, यह नंबर एसपी के पीआरओ का है.

व्हाटसएप, फेसबुक, ट्विटर समेत सोशल नेटवर्किंग पर धार्मिक उन्माद भड़काने और समाज विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली पोस्ट वायरल करने पर आईटी एक्ट के तहत धारा 66 ए में दंडात्मक कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है. इसमें जुर्माना और सजा दोनों शामिल है. हम आप लोगों से अपील है कि किसी भी प्रकार की धार्मिक उन्माद भड़काने और समाज विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली पोस्ट को शेयर न करे.