इन दिनों सोशल मीडिया पर आज हम आपको एक ऐसा अजीबो गरीब मामला सामने आ रहा है. जी हाँ कहते हैं कि जब मौत सामने होती है तो इंसान की जिंदगी जीने की इच्छा जगने लगती है। वो चाहता है कि काश मुझे अपनी ज़िंदगी के कुछ दिन और मिल जाते, जिसे में सिर्फ और सिर्फ अपने तरीके से जी पाता, अपने लिए जी पाता। हालांकि, सबको तो ऐसा अवसर नहीं मिल पाता क्योंकि मौत तो दबे पांव आती है.

इतना ही नहीं कुछ ऐसा ही हुआ इस महिला के साथ जो कि कभी एक पुरुष हुआ करते थे। हालांकि, अब वे एक महिला है और साथ ही एक रियल लाइफ ड्रेगन है। जी हां, हम यहां बात कर रहे हैं एक ऐसे ट्रांसज़ेंडर की जो कि कभी अमेरिका के एक प्रसिद्ध बैंक की वाइस-प्रेसिडेंट हुआ करते थे, लेकिन जब उन्हे ये पता चला कि वे एचआईवी एड्स से पीड़ित है और जल्द ही मरने वाले हैं.

वहीँ दूसरी और रिचर्ड हरनांडिज’ की जो कि सन् 1997 में एक जाने-माने बैंक के वाइस प्रेसीडेंट हुआ करती थी। लेकिन कुछ समय बाद उन्हे पता चला कि वे HIV पॉज़िटीव हैं और जल्द ही मरने वाले है। फिर क्या था रिचर्ड ने अपनी बची हुई ज़िंदगी को अपने तरीके से जीने की ठानी। फिर शुरु हुई उनकी असली ज़िंदगी जिसे कि वे अपने तरीके से जीना चाहते थी, रिचर्ड ने न केवल अपना ज़ेंडर चेंज करवाया।

आपको ये जानकर हैरानी होगी कि रिचर्ड ने खुद को पूरी तरह एक ड्रैगन में तब्दील करने के लिए वे अबतक 35 लाख रुपय की सर्जरी करवा चुकी हैं। रचर्ड ने एक रेप्टाइल की तरह जीवन जीने के लिए अपने कान तक कटवा दिए हैं। हालांकि, वे अब एक महिला हैं और Eva Tiamat Medusa मेड्यूसा के नाम से जानी जाती है। मेड्यूसा की एक और दिलचस्प बात है कि वे सांपों को अपने पैरेंट्स व परिवार मानती हैं।