हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की आज 127वीं जयंती है. इस मौके पर देश भर में तमाम कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं. बीजेपी, कांग्रेस, सपा, बसपा सभी राजनीतिक दल इस मौके पर विशेष आयोजन करा रहे हैं. अंबेडकर जयंती पर सियासी दल दलितों को रिझाने की कोशिश में लगे हैं.

इतना ही नहीं गृह मंत्रालय इस मौके पर किसी भी तरह की जातीय व सियासी बवाल ना हो, इसके लिए अलर्ट जारी कर चुका है. इस मौके पर तमाम दलों के नेताओं ने ट्वीट कर बाबा साहेब को याद किया है. गुजरात के वडोदरा में दलित नेताओं के एक वर्ग ने बीजेपी नेताओं की ओर से बाबासाहेब को दी गई श्रद्धांजलि का विरोध किया.

गुजरात में एक बीजेपी सांसद को बाबासाहब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने से रोक दिया गया. जिसके बाद जिग्नेश के कुछ समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. जिग्नेश ने एक ट्वीट में कहा कि बीजेपी के नेताओ का विरोध करते वक्त सुबोध परमार, भरत शाह, जगदीश चावड़ा, राजु वलवईकर (आदिवासी नेता) और विपिन रॉय (दलित पेंथर) को सारंगपुर से हिरासत में लिया गया है.

मायावती ने कहा कि वो मोदी सरकार को बताना चाहती हैं, बाबा साहेब से जुड़ी जगहों को स्मारक बनाने और उनके नाम पर योजनाएं शुरू करने से दलितों का उत्थान नहीं होगा. मायावती ने कहा, एससी-एसटी एक्ट को कमजोर करने वाली मोदी सरकार को इस एक्ट पर अध्यादेश लाना चाहिए. तमाम मामलों पर बीजेपी नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए मायावती ने कहा, नेताओं के बयान शर्मनाक हैं.