डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी दखल नहीं होने के अपने बयान से पलट गए. ट्रम्प ने कहा की हेलसिंकी में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा, मैंने नहीं होगा शब्द की बजाय होगा शब्द का इस्तेमाल किया था.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक,  वाक्य कुछ इस तरह होना चाहिए था कि मैं ऐसा कोई कारण नहीं देखता हूं कि आखिर इसमें रूस का हाथ क्यों नहीं होगा? आपको बता दें की ट्रम्प और पुतिन की मुलाक़ात के बाद पुतिन ने कहा था, ‘‘मैं चाहता था कि डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति बनें, लेकिन रूस ने अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में कभी दखल नहीं दिया.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, “ट्रम्प ने पुतिन का यह बयान मान लिया. ट्रम्प के इस बयान के बाद अमेरिकी मीडिया में ट्रम्प की काफी आलोचना हो रही है. सांसदों ने भी ट्रम्प के इस बयान देश देशद्रोही कहा है.

ट्रम्प को 100 पेज की ब्रीफिंग दी गई थी. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बयान अपनी मर्जी से दिए. इसकी एक तस्वीर बुधवार को सामने आई. इसमें ट्रम्प ने टाइप किए गए बयान में एक लाइन अपनी तरफ से जोड़ी थी. इस लाइन में लिखा था, ”(अमेरिकी चुनाव में रूस की) कोई मिलीभगत नहीं थी.”

आपको बता दें कि, अमेरिकी मीडिया ने कहा था कि पुतिन काे बेकसूर बताना ट्रम्प के कार्यकाल का सबसे शर्मनाक क्षण, यह देशद्रोह से कम नहीं है. द वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा था, “ट्रम्प को पुतिन के सामने अमेरिकी चुनाव में रूस के दखल जैसे और भी मुद्दों पर सख्त रुख अपनाना था.”

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने एनालिसिस में लिखा था कि ट्रम्प फिनलैंड जाते हैं, जहां उनसे पहले कोई राष्ट्रपति नहीं गया था. ट्रम्प वहां जाकर हमारे विरोधी देश के नेता की सफाई को स्वीकार कर लेते हैं और अमेरिका की खुफिया एजेंसियों को गलत साबित कर देते हैं. ट्रम्प ने जो किया, विदेशी धरती पर अब तक किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने नहीं किया. उन्होंने सलीकेदार परंपराएं तोड़ दीं.’’