ताजुशरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां अजहरी मियां के जनाज़े में शामिल होने के लिए देश भर से ही तमाम लोग नहीं पहुंच रहे हैं बल्कि शनिवार दोपहर से विदेशों से भी उनके अकीदतमंदों के बरेली पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. देर रात तक कई देशों के सैकड़ों अकीदतमंद बरेली पहुंच चुके थे.

आपको बता दें की देश-विदेश की तमाम हस्तियों के ताजियती पैगाम आने का सिलसिला भी पूरे दिन जारी रहा. दुनिया भर में शोक की लहर नज़र आई. दूसरे मुल्कों से शनिवार को बरेली पहुंचे प्रमुख लोगों में साउथ अफ्रीका से मुफ्ती आफताब कासिम, अमेरिका से मौलाना खालिद, सऊदी अरब से हजरत फरहान रजा कादरी, ओमान से मौलाना सलमान फरीदी, मॉरिशस से हाफिज इस्लाम अजहरी, कोलंबो से मौलाना गुलाम मुस्तफा , हाजी बाबू, बांग्लादेश से हाजी अमीन, दुबई से शारिक अजहरी, सैफ अजहरी, शाहनवाज अजहरी समेत तमाम उलमा शामिल रहे.

मीडिया सूत्रों के मुताबिक, रविवार को अजहरी मियां के आखिरी सफर में शामिल होने के लिए बड़ी तादाद में लोग पहुंचे हैं. दरगाह आला हजरत के पूर्व मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि अजहरी मियां के विसाल पर मुफ्ती ए आजम पाकिस्तान के मुफ्ती मुनीब उर रहमान, मिस्र की अल अजहर यूनिवर्सिटी के चेयरमैन मुफ्ती ओसामा महमूद अजहरी, मशहूर शायर उवैस कादरी ने भी खिराजे अकीदत पेश की हैं.

उनके निधन पर देश की कई हस्तियों ने दुख प्रकट किया है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि उनके निधन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक और सामाजिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है. साथ ही अमन–चैन के पैरोकार के रूप में एक बड़ी शख्सियत को खो दिया है. वे अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए सतत प्रयत्नशील रहे.