टैक्स पेयर्स फिर से परेशान एक बार फिर रिटर्न फाइल के ई-वर्जन में बदलाव

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इनकम टैक्स विभाग ने हाल ही में कुछ नए बदलाव किये है जिसकी वजह से इनकम टैक्स पेयर्स को काफी परेशानी का बढ़ना तो तय है. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की कोशिश करने वाले सैलरीड टैक्सपेयर्स को इलेक्ट्रॉनिक वर्जन में कुछ और बदलाव देखने को मिले हैं. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि में अब करीब तीन सप्ताह का समय ही बचा है ऐसे में जरा भी बदलाव कई दिक्कतों को न्योता दे रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग के इन बदलावों की वजह से दोबारा डेटा एंटर करना होता है या आखिरी समय में और जानकारियां जुटानी पड़ती हैं. कुछ मामलों में, टैक्सपेयर्स को अपने चार्टेड अकाउंटेंट्स से नया स्पष्टीकरण मांगना पड़ता है. सैलरीड टैक्सपेर्यस के लिए आईटीआर की आखिरी तारीख 31 जुलाई थी, जिसे 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया गया है.

अब सैलरीड क्लास द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म आईटीआर-1 और आईटीआर-2 के इलेक्ट्रॉनिक वर्जन को क्रमश: 1 अगस्त और 9 अगस्त को बदल दिया गया. आपको बता दें कि, नए शंसोधन में ‘अन्य स्रोतों से आमदनी’ के तहत टैक्सेबल इनकम के संबंध में अतिरिक्त जानकारियां मांगी जा रही हैं.

अब टैक्सपेयर्स को बैंक सेविंग अकाउंट्स से ब्याज, टर्म डिपॉजिट, इनकम टैक्स रिफंड पर ब्याज और दूसरे ब्याज को अलग अलग दिखाने को कहा जा रहा है. जिससे टैक्स पेयर्स को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

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