रुपया बना रहा रोजाना गिरने का रेकॉर्ड, मोदी जी जुमलों में रच रहे इतिहास: कासमी

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नई दिल्ली: देश आज आजादी की 72वीं वर्षगांठ मना रहा है। दूसरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को डॉलर के मुकाबले रुपये को अब तक के सबसे निम्नतम स्तर पर लाकर उपहार स्वरूप पेश किया है। ये कहना है कांग्रेस नेता मौलाना उमर कासमी का। उन्होने कहा कि आखिर पीएम मोदी ने वह कर दिखाया जो 70 सालों में कभी नहीं हुआ था।

कासमी ने कहा कि रुपया आज एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बन चुकी है। 70 वर्ष में पहली बार 70 के पार रुपया गिरा है। उन्होने आरोप लगाया कि मोदी जी सिर्फ जुमलों का इतिहास रच रहे है।  कासमी ने कहा कि अर्थव्यवस्था लुढ़क थी है। रुपया गिर रहा है और मोदी जी जुमलों के इतिहास रचने में व्यस्त है।कांग्रेस नेता ने कहा कि अब तो रिजर्व बैंक ने भी अपने हाथ खड़े कर दिये है। वह भी ऐसी स्थिति में जब देश को दो-दो वित्त मंत्री मिले हुए है।

कांग्रेस नेता कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मोदीनॉमिक्स से नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों से ही पटरी पर लाया जा सकता है। 2008 की वैश्चिक मंदी के समय मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाकर इसका सबूत पहले ही दे दिया है। मनमोहन सिंह की वजह से अमेरिका सहित पूरी दुनिया ने भी भारत का लौहा माना था।

उन्होने कहा कि पीएम मोदी ने रुपए को भी आडवाणी की जी तरह मार्गदर्शक मंडल तक पहुंचाने की कसम खा ली है। मोदी राज में किसानों की आत्महत्या, नौकरियों की कमी और तेज़ी से बढ़ती बेरोजगारी के आकड़ों ने पाताल को छू दिया है। उन्होने सवाल उठाया कि आखिर पीएम मोदी और बीजेपी देश की खस्ता हालत की जिम्मेदारी कब लेंगे जो उनकी नीतियों के चलते पटरी से उतर चुका है।

कासमी ने बताया नोटबंदी के बाद 1.26 करोड़ लोगों ने अपनी नौकरियां खो दीं है। इतना ही नहीं आईएलओ डाटा बताता है कि 2019 तक 77 प्रतिशत लोग या तो अपनी नौकरियां खो देंगे या फिर नौकरियां खोने के कगार पर पहुंच चुके है। उन्होने कहा, बीते चार साल सरकार की ‘विफलताओं’ के ‘अच्छे दिन’ हैं जिसका वादा ‘2014 के चुनाव अभियान के दौरान किया था।