ATS को मिली बड़ी कामयाबी, दाभोलकर पर ‘गोली चलाने वाला’ गिरफ़्तार

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नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में महाराष्ट्र एटीएस को बड़ी सफलता मिली है। ATS ने सचिन नाम के उस आरोपी को गिरफ़्तार किया है। जिसने दाभोलकर की हत्या की थी। ATS ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है , जिनमे  शरद कलस्कर ने नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में शामिल होने की बात कबूली है।

ATS का दावा है कि उसने खुद हत्या में शामिल होने की बात तो कबूली ही, सचिन प्रकाश नाम के एक और आरोपी का सुराग भी दिया। माहाराष्ट्र में अंधश्रद्धा निर्मूलन के अगुआ डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 को पुणे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बता दें कि अंधविश्वास के ख़िलाफ़ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 को पुणे में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जांच मुंबई हाईकोर्ट ने मई, 2014 में सीबीआई को सौंपी।सीबीआई ने सितंबर, 2016 को पनवेल में हिंदू जनजागृति समिति आश्रम से वीरेंद्र तावड़े को गिरफ़्तार किया था।

सीबीआई ने ये बताया था कि सनातन संस्था के कार्यकर्ता सारंग अकोलकर और विनय पवार ने दाभोलकर को गोली मारी। ये दोनों अभी तक फ़रार हैं। सीबीआई की ओर से ये भी कहा गया था कि सांरग और विनय ने वीरेंद्र तावड़े की बाइक इस्तेमाल की थी।

अब ये भी साफ हो गया है कि नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के आरोप में पहले से गिरफ्तार आरोपी डॉ. वीरेंद्र तावड़े ने अपने मेल में हथियार बनाने के जिस कारखाने का जिक्र किया था, नालासोपारा और पुणे से गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिला हथियारों का जखीरा उसी कारखाने में बना है।