ईद उल-अज़हा पर एर्दोगान का मुस्लिम दुनिया को पैग़ाम

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तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान ने अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच कहा कि उनका देश आर्थिक तख्तापलट की कोशिश के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा. एर्दोगान ने मुस्लिम जगत को पैग़ाम देकर कहा कि देश को अर्थव्यवस्था, प्रतिबंधों, विदेशी मुद्रा, ब्याज दरों और महंगाई से डराया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तय्यब एर्दोगान ने कहा कि अमेरिका का अर्थव्यवस्था पर हमला हमारी अज़ान और हमारे झण्डे पर हमला करने जैसा है, उनका मक़सद तुर्की और तुर्की के लोगों को घुटनों के बल चलने पर मजबूर करना है,और गुलाम बनाना है. उन्होंने कहा कि, हम अमेरिका की किसी धमकी से नहीं डरते.

एर्दोगान ने विडियो सन्देश में ऐतिहासिक विजय को याद करते हुए 1071 मालजगरीट की जीत को याद किया तथा 1922 की डुपलनीर की जीत को याद किया,जिनका विजय दिवस ईद के बाद मनाया जाएगा. साथ ही एर्दोगान ने एर्दोगान ने कहा कि ईद उल अज़हा पूरी मुस्लिम दुनिया और मानवता के लिये भलाई ऐकता और भाईचारे का संदेश देता है, जो करुणा बलिदान के लिये याद किया जाता है.

आपको बता दें कि, अमेरिका ने तुर्की पर प्रतिबंध लगाए हैं और धमकी दी है कि अगर नजरबंद किए गए अमेरिकी पादरी को रिहा नहीं किया गया तो उस पर और प्रतिबंध लगाए जाएंगे. तुर्की की मुद्रा लीरा का मूल्य इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक डॉलर के मुकाबले 38 फीसदी तक गिरा है और इस सप्ताह यह 7.24 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई.