हिंदू धर्मगुरु ने कहा – बाढ़ के लिए बीफ खाने वाले जिम्मेदार, कोई मदद न दी जाए

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केरल बीते 100 साल की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। दुनिया भर से केरलवासियों की लोग मदद कर रहे है। लेकिन इसी बीच हिन्दू धर्मगुरु ने बाढ़ पीड़ितों को मदद न देने का विवादित बयान दिया है।

अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महारज ने कहा कि केवल उन लोगों की सहायता की जाए जो शाकाहारी हैं। उन्हें मदद न दी जाए। इस संबंध में गोमांस न खाने का लिखित वादा लेने पर ही मदद की जानी चाहिए।उन्होंने कहा, ” देश में जिस तरह से गो हत्या की जा रही है। उस तरीके से निश्चित रूप से इन्द्र देवता कुपित हो रहे होंगे।” चक्रपाणि का बयान पीड़ितों का अपमान करने वाला है।

उन्होंने कहा, ‘मैं भी केरल में मदद के लिए अपील कर रहा हूं। लेकिन उन लोगों को मदद दी जानी चाहिए जो प्रकृति और प्राणियों का सम्मान करते हैं। जब केरल के लोगों के लिए रोटी उपलब्ध थी, तो वे गाय का मांस खाने के लिए वध कर रहे थे। दिखा रहे थे, चिढ़ा रहे थे, तो मेरा मतलब यह है कि हिंदुओं को उन लोगों को सहायता प्रदान करनी चाहिए जो गाय का मांस खाने से बचें।’

आचार्य चक्रपाणि ने आगे कहा,”हिंदू धर्म में कर्म का सिद्धांत कहता है कि कर्म कभी नष्ट नहीं होता है। कर्म का स्वरूप जरूर बदल जाता है। जिन्होंने गौ हत्या की है। गो मांस का भक्षण किया है। परमात्मा उन्हें अवश्य दंड देता है। लेकिन जिन अन्य शाकाहारियों पर कष्ट आया है। वह ऐसा ही है, जैसा गेहूं के साथ घुन पिस जाने पर आता है।”

आचार्य चक्रपाणि ने पूरे विश्व के हिंदू समुदाय से अपने इंटरव्यू में अपील भी की है। उन्होंने कहा,” केरल की बाढ़ आपदा में दान देने वाले सभी लोगों को ये सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उनके दान का उपयोग गाय के हत्यारे और गौ वध के समर्थकों को न हो। उनसे लिखवा कर लेने के बाद ही सिर्फ शाकाहारियों को ही दान दिया जाना चाहिए।”