राम मंदिर: वसीम रिजवी के खिलाफ इराक के शिया मौलवी ने जारी किया फतवा

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यूपी में शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के खिलाफ शिया समुदाय के सर्वोच्च धर्म गुरु इराक से आयतुल्लाह अल सैयद अली अल हुसैनी अल सिस्तानी ने फतवा जारी किया है। ये फतवा बाबरी मस्जिद की जमीन पर राम मंदिर निर्माण रिजवी के समर्थन को लेकर हुआ है।

फतवे में कहा गया कि मंदिर अथवा किसी अन्य धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए वक्फ की संपत्तियां नहीं दी जी सकतीं। दुनिया भर में शिया मुस्लिमों के बीच सिस्तानी की पहचान एक धार्मिक हस्ती के रूप में मानी जाती है। सिस्तानी ने ये फतवा कानपुर के शिक्षाशास्त्री डॉक्टर मजहर नकवी के एक सवाल के जवाब में दिया।

इराक के नजफ स्थित अत्यंत प्रतिष्ठित शिया स्कूल के मुखिया सिस्तानी के फतवे पर रिजवी ने कहा, ‘शिया वक्फ बोर्ड पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है कि वह बाबरी मस्जिद के जो वादी हैं, उनका समर्थन करे। अयातुल्लाह सिस्तानी का यह फतवा उसी दबाव की एक चाल है।

रिजवी ने कहा शिया वक्फ बोर्ड भारतीय संविधान के हिसाब से काम करेगा। वह आतंकवादियों के दबाव में नहीं आएगा और न ही किसी फतवे के अनुसार काम करेगा।’  उन्होंने कहा, ‘हम किसी मौलवी की राय से बंधे नहीं हैं। राम मंदिर पर उन्हें गुमराह कर यह फतवा जारी कराया गया है।’

रिजवी ने कहा, ‘अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हिंदुओं के लिए आस्था का विषय है और शिया वक्फ बोर्ड देश और समाज के विकास के बारे में सोचता है। हिंदुओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए और मुस्लिमों को किसी का अधिकार नहीं छीनना चाहिए। शिया वक्फ बोर्ड राम मंदिर पर अपने रुख पर कायम रहेगा भले ही दुनिया भर के मुस्लिम उसके खिलाफ हो जाएं।’