सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की प्रिया वारियर के खिलाफ FIR, धार्मिक भावनाएं आहत करने का था आरोप

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इंटरनेट सनसनी मलयालम एक्ट्रेस प्रिया प्रकाश वारियर और मलयालम फिल्म ‘ओरु अदार लव’ फिल्म के निर्देशक,  निर्माता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के सॉन्ग ‘मनिक्य मलाराया पूवी (Manikya Malaraya Poovi) को लेकर दर्ज FIR रद्द कर दी है।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, सीजेआई दीपक मिश्रा, जस्टिस ए. एम. खानविलकर और जस्टिस डी. वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि जिस मलयालम लोकगीत पर यह गीत आधारित है और जिसे वारियर के साथ फिल्माया गया है, वह लोकगीत वर्ष 1978 से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और इस गीत के वीडियो को ईशनिंदात्मक नहीं बताया जा सकता है।

कोर्ट ने दोनों एफआइआर को खारिज करते हुए कहा कि सूफी गाने में आंख मारने के पीछे प्रिया प्रकाश वारियर की कोई गलत भावना नहीं थी और उनका ऐसा करने के पीछे किसी की धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। ऐसे में उन्हें आइपीसी की धारा 295-ए के तहत आरोपी नहीं बनाया जा सकता है।

पीठ ने कहा, ‘हम लोग वारियर और अन्य की रिट याचिका को अनुमति देते हैं तथा तेलंगाना में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करते हैं। साथ ही यह निर्देश देते हैं कि गाने के फिल्मांकन पर सवाल उठाते हुए याचिकाकर्ताओं के खिलाफ आगे सीआपीसी की धारा 200 के तहत कोई प्राथमिकी या शिकायत दर्ज की जायेगी।’

बता दें कि इस गाने को लेकर कई मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जाहीर करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि फिल्म के डायरेक्टर के साथ खुद प्रिया ने इस मामले में सफाई भी दी थी। निर्देशक ओमर लूलू ने कहा था कि यह गाना इस्लाम विरोधी नहीं है बल्कि यह मोहम्मद साहब की तारीफ करता है।