तुर्की ने दिखाई अमेरिका को अपनी ताकत, प्रतिबंधों के बावजूद ख़रीदा F-35 फाइटर जेट

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तुर्की और अमेरिका के घमासान जारी है. अमेरिका ने पिछले दिनों तुर्की पर प्रतिबन्ध लगाये थे जिसकी वजह से तुर्की की अर्थव्यवस्था काफी प्रभावित हुयी लेकिन इन सब मुश्किलों बीच अच्छी बात यह रही की तुर्की के इस मुश्किल वक़्त में दुनिया के के ताकतवर देशों ने तुर्की को अपना समर्थन दिया जिसमें, चीन, ईरान, क़तर, यूरोप, जर्मनी, फ्रांस, पाकिस्तान और रूस शामिल रहे.

मिडिल ईस्ट ऑय के मुताबिक, इसी के साथ अमेरिका ने तुर्की पर अमेरिकी फाइटर जेट F-35 और रूसी मिसाइल S-400 की खरीद पर रोक लगाई थी लेकिन इन सभी प्रतिबंधों के तुर्की ने अमेरिका को ताकत दिखाई. अमेरिका के तुर्की अधिकारियों ने दोनों देशों और अमेरिकी सांसदों के विपक्ष के बीच तनाव के बावजूद वाशिंगटन से एफ -35 चुपके लड़ाकू विमानों का पहला शिपमेंट प्राप्त किया.

अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने आधिकारिक तौर पर टेक्सास के फोर्ट वर्थ के एक समारोह के दौरान तुर्की अधिकारियों के लिए सबसे उन्नत रडार से बचने के लिए डिजाइन किए गए पहले विमान के कब्जे को स्थानांतरित कर दिया.

एक पेंटागन ने कहा प्रवक्ता ने कहा की, एक दूसरे विमान आने वाले दिनों में वितरित होने के कारण है और दो विमानों को एरिजोना में ल्यूक वायुसेना बेस में “बाद की तारीख में” लाया जाएगा, जहां तुर्की पायलट और रखरखाव दल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, लेफ्टिनेंट कर्नल माइक एंड्रयूज,

अमेरिकी सीनेटरों ने रूसी एस -400 मिसाइल रक्षा प्रणालियों को खरीदने के अंकारा की योजनाओं के प्रकाश में विमान की डिलीवरी का विरोध किया है. लेकिन तुर्की ने कहा की वह रूसी मिसाइल खरीद कर ही रहेगा.