पुरुष आयोग की मांग के बीच 160 पुरुषों ने जिंदा पत्नियों का किया श्राद्ध

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उत्तर प्रदेश के घोसी से भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर और हरदोई से सांसद अंशुल वर्मा ने पुरुष आयोग के गठन की मांग को छेड़कर नई बहस छेड़ दी है। इस मांग के बीच यूपी के वाराणसी में कई पतियों ने अपनी तलाकशुदा पत्नियों का अंतिम संस्कार कर दिया।

एनजीओ सेव इंडिया फैमिली फाउंडेशन (एसआईएफएफ) के तहत आयोजित कार्यक्रम में पूरे दश से तलाकशुदा पुरुष अपनी पूर्व पत्नियों का गंगा के किनारे पिंडदान करने पहुंचे। इस दौरान सभी ने उनका श्राद्ध भी कर दिया। इस पूरे कार्यक्रम को तांत्रिक विधि से अंजाम दिया गया।

एसआईएफएफ के फाउंडर औराजेश वखरिया ने कहा कि हमारा समाज पितृसत्तात्मक है लेकिन पतियों और उनके अधिकारों को बचाने के लिए कोई कानून नहीं है। दहेज विरोधी कानून के नाम पर उन लोगों का शोषण होता है। उन्होंने कहा नैशनल क्राइम रेकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़े देखें तो, ‘भारत में हर 6.5 मिनट में एक पति अपनी पत्नी से मानसिक प्रताड़ित होकर सूइसाइड करता है।’

उन्होंने कहा कि मऊ के घोसी से सांसद ने संसद में जो सवाल उठाया उससे उन्हें प्रेरणा मिली है। अब वे लोग भी भी पीएम नरेंद्र मोदी को ज्ञापन देकर मांग करेंगे कि पुरुष आयोग बनाया जाए। बता दें कि भाजपा सांसद हरिनारायण राजभर और हरदोई से सांसद अंशुल वर्मा  23 सितंबर को पुरुष आयोग के समर्थन में हो रहे एक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पुरुष आयोग की मांग पर कहा, ‘हर किसी को अपनी मांग रखने का अधिकार है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इस तरह के आयोग के गठन की कोई जरुरत है।’