एर्दोगान ने जारी किया प्रस्ताव- कहा तुर्की की अर्थव्यवस्था में रोड़ा बना डॉलर, नहीं करेंगे डॉलर से व्यापार

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राष्ट्रपति रसेप तय्यिप एर्दोगान ने कल कहा कि, इंटरनेशनल व्यापार की निर्भरता अमेरिकी डॉलर पर निर्भर नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह तुर्की के लिए बाधा बन गई है,  एर्दोगान ने किर्गिस्तान में रुख ओर्दो सांस्कृतिक केंद्र में तुर्किक परिषद के 6 वें शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्होंने कहा, “हम अमेरिकी डॉलर की बजाय अपनी मुद्राओं में व्यापार करने का प्रस्ताव कर रहे हैं.” शिखर सम्मेलन की स्थापना किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सोरोनबे जैनबेकोव ने की.

तुर्की के राष्ट्रपति, अज़रबैजान, कज़ाखस्तान और उजबेकिस्तान, हंगरी – एक पर्यवेक्षक राज्य के रूप में – इसके प्रधान मंत्री द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया. यहाँ एर्दोगान ने अपने सहयोगी देशों से डॉलर पर निर्भरता खत्म करने की बात कही और देश की लोकल मुद्रा में व्यापार करने पर सहमति जताई है.

तुर्की मीडिया के मुताबिक, राष्ट्रपति एर्दोगान देश की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर किर्गिस्तान में है, जो शनिवार को शुरू हुयी इस दौरान एर्दोगान ने अमेरिका पर कई निशाने साधे और तुर्की की अर्थव्यस्था को प्रभावित करने के लिए अमेरिका को ज़िम्मेदार ठहराया.

अपने भाषण के दौरान, राष्ट्रपति एर्दोगान ने कहा, “हमारी उम्र भी हमें परिवहन और संचार नेटवर्क के विकास के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है. तुर्की मीडिया के मुताबिक, किर्गिज राजधानी बिश्केक में तुर्की-किरगिज़स्तान बिजनेस फोरम में बोलते हुए, एर्दोगान ने कहा कि अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता सुविधा के बजाए प्रत्येक गुजरने वाले दिन में बोझ से अधिक हो रही थी.

एर्दोगान ने दुनिया से आग्रह करते हुए कहा कि, “हमारे देश पर अमेरिका का आर्थिक हमला इसका एक स्पष्ट उदाहरण है. वे मुद्रा कुशलता के माध्यम से तुर्की की मजबूत और ठोस अर्थव्यवस्था को कमज़ोर करने की पूरी कोशिश करते है.”

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