सऊदी की आधी से ज्यादा मस्जिदों में ‘नमाज़’ पढ़ाने के लिए नहीं है ‘इमाम’, आकड़े जानकर उड़ जाएँगे होश

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रियाद – सऊदी अरब एक ऐसा देश है जहाँ से ‘इस्लाम’ की शुरुआत हुयी. इस देश में सबसे ज्यादा मस्जिद है जिसमें मस्जिद अल हरम और मस्जिस अल नबवी में लाखों की तादाद में ज़ायेरीन आते है. लेकिन आज आपको यह जानकर ज़रूर हैरानी होगी की सऊदी की आधी से ज्यादा मस्जिदों में इमाम ही नहीं है.

सऊदी अखबार सऊदी गेजेट के मुताबिक, इस्लामी मामलों, कॉल और मार्गदर्शन मंत्रालय द्वारा जारी एक सांख्यिकीय रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी में मस्जिदों में से आधे से अधिक मस्जिदों में नमाज़ पढ़ाने के लिए इमाम नहीं है. साल 2017 को कवर करने वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी में 51.5 प्रतिशत मस्जिद औपचारिक इमाम के बिना है. 63 प्रतिशत मस्जिदों में मुअज्ज़िन नहीं है और 90.5 प्रतिशत मस्जिदों में मजदूरों और क्लीनर के बिना ही मस्जिदें है.

Ministry of Islamic Affairs

रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ सऊदी का उत्तरी सीमावर्ती प्रांत एकमात्र क्षेत्र है जिसमें इमाम मौजूद है . इस क्षेत्र में 642 मस्जिदों के लिए 806 इमाम थे. वर्ल्ड न्यूज़ हिंदी को मिली जानकारी के मुताबिक, यह कहा गया कि मस्जिदों की संख्या में कोई अन्य क्षेत्र इमाम नहीं  थे. इसके विपरीत, कई क्षेत्रों में इमाम की बड़ी कमी सामने आई है.

जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (गास्टैट) द्वारा की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में सऊदी में मस्जिदों की कुल संख्या 98,800 थी जबकि इन मस्जिदों में सिर्फ 47,315 इमाम, 36,549 मुअज्ज़िन और 9,371 क्लीनर थे.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका मतलब यह है कि सऊदी में 51.5 प्रतिशत मस्जिद आधिकारिक इमाम के बिना है. रिपोर्ट के अनुसार, रियाद में 18,073 मस्जिद, 13,330 इमाम, 10,354 मुअज्ज़िन और 3,097 क्लीनर, मक्का में 17,263 मस्जिद और 6,564 इमाम है मदीना में 6,681 मस्जिद और 2,758 इमाम और 7,341 मस्जिद और कसीम में 4,862 इमाम है.

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