सऊदी सरकार की आलोचना करने पर दो हज़ार से ज्यादा मशहूर धर्मगुरु, इमाम, पत्रकार और वकील गिरफ़्तार

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सऊदी अरब अधिकारों के मुताबिक, सऊदी अरब में गिरफ़्तार धर्मगुरु, मुफ़्ती, इमाम, पत्रकार, वकीलों की संख्या बढ़कर 2,613 बंद हो गई है. सऊदी सरकार का आरोप है कि, इन सभी ने शाही परिवार की आलोचना की है और बिन सलमान के सुधारों की भी अलोचना की है.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, सऊदी अरब में बंदियों के साथ चिंतित विवेक के कैदी के ट्विटर खाते ने एक ट्वीट में कहा कि: “सऊदी अरब में विवेक के कैदियों की संख्या बढ़कर 2,613 बंद हो गई है.”

आपको बता दें की सऊदी अरब में कुछ धर्मगुरु ऐसे भी है जिन्हें गिरफ्तार किये हुए 10 साल से ज्यादा का वक़्त हो गया है. इन गिरफ्तार लोगों की ना तो सुनाई हो है और ना ही इनपर किसी जुर्म का कोई सबूत है.


10 सितंबर, 2017 के बाद से, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के निषेध के बावजूद सऊदी अरब में सैकड़ों गिरफ्तारी हुई हैं, वर्ल्ड न्यूज़ हिंदी को मिली जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों जैसे ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल से तुरंत बंदियों को रिहा करने के लिए कहा. साथ इन गिरफ्तार लोगों को उनके परिवार से मिलने की इजाज़त देने की मांग की गयी.

मई में, गिरफ्तारी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और नारीवादी कार्यकर्ताओं तक पहुंच गईं. महिलाओं के अधिकारों पर उनकी गतिविधि के परिणामस्वरूप विदेशी पार्टियों के साथ संबंध रखने के अधिकारियों ने उन पर आरोप लगाया था.

इन विभिन्न गिरफ्तारी के बीच, पूर्वी क्षेत्र में अन्य गिरफ्तारी हुई हैं जहां शिया विरोधी विपक्षी 2016 के आरंभ में शिया धर्मगुरु निम्र अल-निमर के निष्पादन के बाद सक्रिय रहा है. अधिकारियों ने हथियारों को इकट्ठा करने के आरोप में दर्जनों युवाओं को गिरफ्तार किया और ईरान के साथ संवाद का आरोप लगाया था.

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