लोगो के ऐसे ऐसे ताने सुन बनीं ऑटो ड्राइवर की बेटी बॉक्सिंग चैम्पियन

0
19

कहते है अगर आपको कुछ करना है तो आपको सिर्फ उसी काम पर पूरा ध्यान रखना होता है जो आप करने की सोचते हो कुछ इन्ही अल्फ़ाज़ों से जुडी एक खबर सामने आ रही है चंडीगढ़ से जहाँ की रहने वाली संदीप कौर ने भारत का सिर्फ सम्मान से ऊंचा कर दिखाया है.

जी हाँ आपको बतादें कि भारतीय बॉक्सर संदीप कौर ने पोलैंड में तिरंगा लहराया. 52 किलो वर्ग में उन्होंने गोल्ड जीता. 13वें इंटरनेशनल बॉक्सिंग चैम्पियनशिप (Championships) में उन्होंने पोलैंड की कैरोलीना एमपुस्का को 5-0 से हराया. 16 वर्षीय संदीप कौर को यहां तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा.

इतना ही नहीं बतादें कि गांव से निकलकर उन्होंने ये कामयाबी हासिल की. सक्सेस स्टोरी सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे. कैसे ऑटो ड्राइवर की बेटी ने भारत को ये सम्मान दिलाया. संदीप कौर पटियाला के हसनपुर गांव मं रहती हैं. उनके घर में पैसों की काफी किल्लत है. ऐसे में गांव के लोगों ने उनके घरवालों को संदीप के खेलने से काफी रोकने की कोशिश की.

उन्होंने कहा मैं गांव के पास बॉक्सिंग अकादमी में अपने चाचा के साथ जाया करती थी. वहां लोगों को बॉक्सिंग करता देख, मेरा मन किया कि मैं भी बॉक्सर बनूं. जब मैं 8 साल की थी तो मैंने बॉक्सिंग ग्ल्व्स उठा लिए थे और ट्रेनिंग शुरू कर दी थी.” सुनील कुमार की कोचिंग में उन्होंने ट्रेनिंग शुरू की. संदीप के परिवार को गांव वालों के काफी ताने सुनने पड़े.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें