AMU का मुस्लिम शब्द विवादों की जड़, हटा दो विवाद खत्म हो जाएंगे: जफर इकबाल

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भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जफर इकबाल ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) को तौर पर निशाना बनाए जाने की कड़ी आलोचना की है। साथ ही उन्होने कहा है कि अगर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से ‘मुस्लिम’ शब्द हटा दिया जाए तो सभी विवाद खत्म हो जाएंगे।

इकबाल ने कई ओलंपियनों का नाम लेते हुए कहा, ‘राजनेता यूनिवर्सिटी को लेकर इस तरह के बयान दे रहे हैं, यह बहुत ही दिल दुखाने वाली और गलत बात है। इस यूनिवर्सिटी ने बहुत से बौद्धिक व्यक्ति देश को दिए हैं। यहां तक कि यहां से हॉकी की फिल्ड में कई ओलम्पियन भी निकले हैं।’ मैस्को ओलंपिक्स 1980 में देश के लिए गोल्ड मेडल लाने वाले इकबाल ने कहा कि सिर्फ शांतिपूर्ण वातावरण से ही देश का विकास संभव है।

उन्होंने कहा, ‘अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का सिर्फ मुस्लिम शब्द ही सारी विवादों की जड़ है अगर इसे हटा दिया जाए तो अच्छा रहेगा।’ इकबाल ने कहा कि आज हर एक फील्ड में राजनीति हावी हो रही है, सिर्फ खेल ऐसी फील्ड है जिस पर अभी इसका वायरस प्रभावित नहीं हुआ है। अच्छा है कि हमारे खिलाड़ी धर्म या जाति के बारे में नहीं सोचते हैं। वह सिर्फ देश के लिए खेलते हैं, अगर एकता नहीं होगी तो टीम जीत भी नहीं सकती।

इकबाल ने कहा कि 1970 में जब वह सिविल इंजिनियरिंग कर रहे थे तब यहां रियाज मिया कुक हुआ करते थे। बिना उनका धर्म और जाति जाने सारे खिलाड़ी उनके हाथ का बना खाना खाते थे। उन्होंने कहा, ‘हम लोगों की सोच पूरी तरह से अलग थी। मेरे दोस्तों में अधिकांश ब्राह्मण थे। हम दोस्ती के अलावा किसी भी धर्म या जाति के बारे में नहीं सोचते थे।’ उन्होंने कहा कि आज लोग वह गाना भूल गए हैं, ‘न हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा…. इंसान की औलाद है इंसान बनेगा।’

जफर इकबाल यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र भी रह चुके हैं। वह यूनिवर्सिटी में चल रही नॉर्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी हॉकी टूर्नामेंट के समापन के मौके पर यहां पहुंचे थे। बता दें कि 20 नवंबर को अलीगढ़ से सांसद सतीश गौतम ने एएमयू वीसी को पत्र लिखकर यूनिवर्सिटी को ‘तालिबानी मानसिकता’ और ‘आतंकवादियों की पाठशाला’ बताया था।

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