खशोगी केस में सऊदी क्राउन प्रिंस के दो सहयोगियों की गिरफ्तारी चाहता है तुर्की

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पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के मामले में तुर्की सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के दो करीबी सहयोगियों की गिरफ्तारी चाहता है। दरअसल, तुर्की के एक अभियोजक ने मांग की है कि बिन सलमान के करीबी दो सऊदी नागरिकों के खिलाफ वारंट जारी किया जाये।

इस्तांबुल में मुख्य अभियोजक कार्यालय में अहमद अल-असीरी और सऊद अल-कहतानी के खिलाफ वारंट जारी किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को आवेदन दायर किया गया था। अदालत में पेश दस्तावेजों में उन्हें ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ के पत्रकार खशोगी की हत्या के ‘‘मुख्य साजिशकर्ताओं’’ में शामिल बताया गया।

असीरी विदेशी गणमान्य मेहमानों के साथ मोहम्मद बिन सलमान की अकेले में होने वाली बैठकों में अक्सर मौजूद रहते रहे हैं जबकि कहतानी उनके अहम सलाहकार हैं।  सऊदी अरब के यह मान लेने के बाद कि खशोगी की हत्या की गयी है, दोनों बर्खास्त किए जा चुके हैं।

सऊदी ने दूतावास में खशोगी की हत्या होने की बात कबूल करने के बाद इन दोनों को बर्खास्त कर दिया था। सऊदी ने खशोगी हत्या मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इसमें क्राउन प्रिंस का हाथ होने से इन्कार किया है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन ने कहा था कि खशोगी की हत्या का आदेश सऊदी सरकार के शीर्ष स्तर से आया था।

हालांकि अमेरिकी सीनेटरों ने कहा है कि सीआईए की जांच से यह यकीन हो गया है कि खशोगी की हत्या में सऊदी क्राउन प्रिंस की भूमिका थी। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तो कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि हत्या में मुहम्मद बिन सलमान सहअपराधी हैं। वह सनकी और खतरनाक हैं।

इससे पहले सीआइए की निदेशक जीना हास्पेल ने सीनेट की विदेश मामलों की समिति को मामले में की गई जांच-पड़ताल की जानकारी दी।

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