असम: सिटीजनशिप बिल के विरोध में लोगों ने की भाजपा कार्यालय में जमकर तोड़फोड़

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केंद्र की मोदी सरकार द्वारा हाल ही में लोकसभा में पारित कराया गए नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 को लेकर विरोध बढ़ता ही जा रहा है। असम में प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने यहां भाजपा कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की।

ओइक्या सेना असम से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार रात पलाशबाड़ी इलाके में स्थित कार्यालय में तोड़फोड़ की. पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के पुतलों को जलाया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को भी जाम कर दिया। पुलिस ने बाद में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

बता दें कि इस बिल के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनों, पारसियों और ईसाईयों को भारत की नागरिकता मिल जाएगी। हालांकि मुस्लिमों को नागरिकता नहीं दी जाएगी। जिसके चलते इस बिल को धार्मिक भेदभाव वाला भी कहा जा रहा है।

बिल के विरोध में असम गण परिषद (एजीपी) ने विधेयक को लेकर भाजपा के साथ अपना नाता तोड़ लिया है और इसके तीन मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है, वहीं दूसरी ओर असम समझौते के क्लॉज 6 को लागू करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उच्च समिति में नामित चार सदस्यों ने भी इसका हिस्सा बनने से इनकार कर दिया है।

बिल के विरोध में पूर्वोत्तर राज्य में मंगलवार को पूरी तरह से बंद देखने को मिला। विपक्ष के विरोध के चलते ये बिल राज्यसभा में पास नहीं हो पाया है।

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