साउथ सुपरस्टार ने उठाया सवाल – सिनेमा हॉल में राष्‍ट्रगान बज सकता है तो नेताओं की बैठकों में क्यों नहीं

0
38

जन सेना के मुखिया पवन कल्याण ने सिनेमा हॉल में राष्‍ट्रगान बजाने को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा कि “थियेटर्स में जब राष्‍ट्रगान बज सकता है तो राजनैतिक पार्टियां को अपनी बैठकों से पहले राष्‍ट्रगान क्‍यों नहीं बजाना चाहिए। उन्होने कहा, सिर्फ सिनेमा हॉल्‍स को ही राष्‍ट्रगान क्‍यों बजाना चाहिए?

आंध्र प्रदेश के कुरनूल में युवाओं से बात करते हुए अभिनेता से नेता बने कल्याण ने कहा, ‘मुझे राष्ट्रगान के लिए थिएटर में खड़ा होना पसंद नहीं है। परिवार और दोस्तों के साथ फिल्म देखने के लिए निकाला गया समय अब देशभक्ति के प्रदर्शन का परीक्षण बन गया है।’

उन्होंने कहा, ‘सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान बजाना क्या वहां अपनी देशभक्ति दिखाने के लिए है? आप वहां जाकर फूल फेंकते हैं और अगर आप उस समय राष्ट्रगान सुनते हैं तो आपकी भावना कैसी होगी। राजनीतिक दल अपनी बैठकों से पहले शुरुआत में राष्ट्रगान क्यों नहीं बजाते हैं और देश के उच्चतम न्यायालय में भी इसे बजाना चाहिए।’

उन्होंने कहा, सिनेमा हॉल मेरी देशभक्ति की परीक्षा नहीं हैं। सीमा पर युद्ध चल रहा है। यह मेरी देशभक्ति का परीक्षण है। हमारे समाज में रूढ़िवाद व्याप्त है, यह मेरी देशभक्ति का परीक्षण है। मैं रिश्वतखोरी को रोक सकता हूं या नहीं यह मेरी देशभक्ति की परीक्षा है। देश के बड़े कार्यालयों में राष्ट्रगान बजाना चाहिए।

2016 में जब सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए थे कि फिल्‍में दिखाए जाने से पहले थियेटर्स में राष्‍ट्रगान चलाया जाएगा और उसके सम्‍मान में सबका खड़ा होना अनिवार्य होगा, जब भी पवन ने यह मुद्दा उठाया था। दिसंबर 2016 में, हैदराबाद के एक वकील ने पवन कल्‍याण के खिलाफ राष्‍ट्रगान का ‘अपमान’ करने का केस दर्ज कराया था।

कुछ दिन पहले ही पवन ने आरोप लगाया था कि बीजेपी ने उन्‍हें दो साल पहले ही बताया था कि लोकसभा चुनाव 2019 से पहले जंग हो सकती है। पवन कल्‍याण की ‘जन सेना पार्टी’ पहली बार चुनाव लड़ रही है। लोकसभा के साथ-साथ राज्‍य में विधानसभा के चुनाव भी होंगे। अभी तक खुद पवन कल्‍याण ने भी तय नहीं किया है कि वे किस सीट से चुनाव लड़ेंगे।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें