सऊदी अरब को अमेरिका ने दिया झटका, अब नहीं देगा यमन युद्ध में साथ

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वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए सेनेट ने यमन में हवाई हमले बंद करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मिडिल ईस्ट नीति के लिए यह बेहद घातक साबित हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ इस युद्ध के कारण 80 लाख लोग भुखमरी की कगार पर खड़े हैं। गार्डियन के मुताबिक इस प्रस्ताव के समर्थन में 54 में से 46 मत पड़े हैं। डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सात सांसदों ने डेमोक्रेट्स के पक्ष में मतदान किया है।

अब यह प्रस्ताव हाउस ऑफ़ रेप्रेसेंटीव में जायेगा जहां इसके पारित होने की पूर्ण सम्भावना है और इसके बाद यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के समक्ष हस्ताक्षर के लिए भेजा जायेगा। हालांकि वाइट हाउस ने इस कदम को “त्रुटिपूर्ण” बताते हुए वीटो की धमकी दी और कहा कि इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान होगा और चरमपंथ से लड़ने की वाशिंगटन की क्षमता को गहरा आघात लगेगा।

बता दें कि अमरीका इस युद्ध में देश सऊदी गठबंधन को हथियार और ईंधन भरने की सुविधा देता आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दावा किया कि सीरिया में इस्लामिक स्टेट समूह ने अपना सारा इलाका खो दिया है। यदि सेनेट के यमन पर ताजा प्रस्ताव को पूर्ण रूप से पारित कर दिया जाता है, तो यह एक ऐतिहासिक कदम बन जाएगा।

सीनेटर क्रिस मर्फी ने मतदान से पहले कहा, इस फ़ैसले को सऊदी में एक संदेश के रूप में देखा जाएगा कि उन्हें अपने किए को स्पष्ट करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, “जब हम स्वेच्छा से युद्ध अपराध में भाग लेते हैं या अपने भागीदारों को नरसंहार में शामिल होने की अनुमति देते हैं, तो हम दुनिया की नज़रों में कमज़ोर हो जाते हैं।

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