भोपाल: मध्य प्रदेश के इंदौर की अदालत में एक बेरोजगार पति ने पत्नी को गुजारा भत्ता देने के लिए कांग्रेस की सरकार बनने तक मोहलत मांगी है। उन्होने कहा राहुल के प्रधानमंत्री बनने के बाद जो राशि मुझे दी जाएगी, उसमें से साढ़े चार हजार रुपये हर महीने पत्नी को दे दूंगा। कोर्ट चाहे तो बेरोजगारी भत्ते की रकम में से भरण-पोषण की रकम सीधे पत्नी के खाते में जमा करने का आदेश दे सकती है।

पति ने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधीने अपने घोषणा पत्र में वादा किया है कि उनकी सरकार आने पर बेरोजगार व्यक्ति को 6000 रुपये महीना सरकार की ओर से दिया जाएगा। पति आनंद ने कहा कि वह यह अंडरटेकिंग देता है कि जैसे ही उसे उक्त 6000 रुपये की राशि सरकार से मिलने लगेगी वह उसमें से साढ़े चार हजार भरण पोषण की राशि अपनी पत्नी व बच्ची को देना शुरू कर देगा। उसने गुहार की है कि तब तक भरण पोषण की उक्त राशि अदा करने का आदेश स्थगित रखा जाए। कोर्ट ने पति के इस जवाब पर बहस के लिए आगामी 29 अप्रैल तय की है।

शर्मा की पत्नी और उसकी 12 वर्षीय बेटी पिछले कुछ समय उससे अलग रह रही हैं। पति-पत्नी के बीच विवाद का मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। अदालत ने शर्मा को 12 मार्च को आदेश दिया था कि वह अपनी पत्नी और बेटी को 4,500 रुपये प्रति माह की अंतरिम भरण-पोषण राशि अदा करें।

गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐलान किया है कि केंद्र में उनकी सरकार आने पर हर उस शख्स को 6 हजार रुपये महीने की मदद दी जाएगी जिनकी मासिक आय 12 हजार रुपये से कम है। कांग्रेस की कार्य समिति की बैठक के बाद गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ” पिछले पांच वर्षों में देश की जनता को बहुत मुश्किलें सहनी पड़ी हैं। हमने निर्णय लिया और हम हिंदुस्तान के लोगों को न्याय देने जा रहे हैं। यह न्याय न्यूनतम आय गारंटी है. ऐसी योजना दुनिया में कहीं नहीं है।

2006 में हुआ था विवाह

आनंद ने बताया कि उसका विवाह 2006 में हुआ था। शादी के कुछ दिन बाद ही पति-पत्नी में विवाद शुरू हो गया। इस पर दीपमाला ने केस दायर कर दिया।