पंजाब नैशनल बैंक ने बाहरी मणिपुर से कांग्रेस पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी किशिंग जेम्स की EC से की शिकायत की है।बैंक ने 100 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने को लेकर मणिपुर के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी को चिट्ठी लिखकर शिकायत की है।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) प्रबंधन ने चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर बताया है कि, उनके बैंक ने 100 करोड़ रुपए का क्रेडिट लोन और 17 लाख रुपए का टर्म लोन North East Region Fiin Service Ltd कंपनी के नाम पर दिया था। इस कंपनी में कीशिंग बतौर डायरेक्टर और पर्सनल गारंटर कार्यरत थे। उनकी कंपनी ने समय पर कर्ज का भुगतान नहीं किया, जिसके चलते 30/9/2016 को अकाउंट NPA में तब्दील हो गए। इसके तीन साल बाद तक कंपनी और इसके डायरेक्टर्स ने बैंक का बकाया नहीं चुकाया। इसके बाद बैंक ने रिजर्व बैंक के निर्देशों के मुताबिक कंपनी और उसके डायरेक्टर्स को विलफुल डिफॉल्टर्स घोषित कर दिया। पत्र में लिखा है कि 28 मार्च 2019 तक कंपनी को बैंक के 116.31 करोड़ रुपए लौटाने हैं। बैंक ने इसके लिए गुवाहाटी में 30 सितंबर 2016 को एक याचिका भी दाखिल की है।

पत्र में आगे लिखा है कि, कंपनी ने कई बार बैंक को one time settlement (OTS) का प्रस्तवा दिया। आखिरी प्रस्ताव को 10 दिसंबर 2018 को स्वीकृत किया गया, लेकिन कंपनी और इसके डायरेक्टर्स OTS के तहत भी बकाया भुगतान नहीं कर सके। इतना ही नहीं, कीशिंग जेम्स ने बैंक को बिना बताए 02 मार्च 2019 को कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया, जो कि कर्ज देने के नियमों के खिलाफ है।

PNB प्रबंधन ने आगे लिखा, ‘हाल ही में बैंक को पता चला कि कीशिंग जेम्स ने आने वाले लोकसभा चुनावों में खड़े होने के लिए कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है, ताकि वे कर्ज की बात को छुपा सकें। ऐसे में बैंक ने राष्ट्र के हित में ये कदम उठाया है, जिससे चुनाव आयोग को पता लग सके कि कीशिंग जेम्स एक डिफॉल्टर हैं। ऐसे में बैंक चुनाव आयोग से अपील करता है कि उनके खिलाफ कानून के मुताबिक जरूरी कार्रवाई की जाए, जिससे जनता के पैसे पर चुनाव लड़ने वाले ऐसे डिफॉल्टर्स को रोका जा सके।’

मणिपुर के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने बैंक अध्यक्ष सुनील मेहता का पत्र मिलने के बाद थोबुल जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।