चन्द्रशेखर आजाद ने लिए अपने कदम पीछे, वाराणसी से मोदी के खिलाफ नहीं लड़ेंगे चुनाव

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वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने की घोषणा करने के करीब एक महीने बाद भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने बुधवार को अपने फैसले से कदम वापस ले लिए है। आजाद ने बुधवार को कहा कि भाजपा को हराने के लिए दलित वोट संगठित रहना चाहिए और उनका संगठन सपा-बसपा गठबंधन का समर्थन करेगा।

चंद्रेशेखर आजाद ने कहा, ‘मैंने वाराणसी से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है क्योंकि मैं नहीं चाहता कि इस फैसले से किसी भी रूप में भाजपा या मोदी को लाभ हो। हम सभी भाजपा की हार चाहते हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि यदि सपा-बसपा गठबंधन सतीश चंद्र मिश्रा को वाराणसी सीट से टिकट देती है तो भीम आर्मी उनका समर्थन करेगी।

हालांकि, इससे पहले चंद्रशेखर ने सतीश मिश्रा पर मायावती को गुमराह करने और दलित संगठन के खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया था। लेकिन, बुधवार को अपने पहले के रूख में तब्दीली करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यदि सपा-बसपा गठबंधन वाराणसी से मिश्रा को उम्मीदवार बनाता है तो उन्हें अगड़ी जातियों का भी कुछ वोट मिल सकता है।

चन्द्रशेखर ने पहले पीटीआई..भाषा से कहा था कि यदि उनकी उम्मीदवारी से मोदी को लाभ हो रहा है तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। मायावती द्वारा की गई आलोचना पर उन्होंने कहा, ‘हमारे अपने लोग हमें भाजपा का एजेंट बता रहे हैं, लेकिन मैं अभी भी चाहता हूं कि वह प्रधानमंत्री बनें।’

चंद्रशेखर ने कहा कि समाज से बढ़कर कुछ नहीं है, बहुजन मिशन महत्वपूर्ण है, अगर मेरे किसी निर्णय की वजह से बहुजन मिशन कमजोर पड़ता है, तो ऐसा निर्णय नहीं लिया जाएगा। चंद्रशेखर ने कहा कि विपक्षी फूट डालकर फायदा लेना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और भाजपा को हराने के लिए भीम आर्मी कार्यकर्ता मजबूूती से कार्य करेंगे।

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