मुंबई: मुंबई की एक अदालत ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान हिंसा के मामले में शिवसेना सांसद की पत्नी और पार्टी के 17 कार्यकर्ताओं को मंगलवार को एक साल जेल की सजा सुनाईं है।

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन शिवसेना और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं के बीच हुए संघर्ष में एक कांस्टेबल जख्मी हो गया था। इसी मामले में शिवसेना सांसद की पत्नी और पार्टी के कार्यकर्ताओं को सजा सुनाई गई है।

सत्र अदालत के न्यायाधीश डीके गुडधे ने दक्षिण मध्य लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद राहुल शेवाले की पत्नी कामिनी शेवाले और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को भारतीय दंड संहिता की धारा 149, 427 के तहत दोषी पाया। बहरहाल, उन्हें हत्या की कोशिश समेत अन्य आरोपों से बरी कर दिया गया।

क्या है मामला

24 अप्रैल, 2014 को पुलिस कांस्टेबल विकास थोर्बोले को गंभीर चोटें आने के बाद मामला दर्ज किया गया था। परीक्षण के दौरान, पीड़ित सहित 14 गवाहों की जांच की गई थी, लेकिन वह और अन्य लोग यह नहीं पहचान सके कि श्री थोरबोले के साथ किसने मारपीट की।

अभियोजन पक्ष का मामला यह था कि थोरबोले उस क्षेत्र में गश्त कर रहे थे जब उन्हें जानकारी मिली कि सेना और मनसे कार्यकर्ताओं के बीच बहस छिड़ गई है। सेना के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एमएनएस एक वाहन में नकदी वितरित कर रहा था। MNS कार्यकर्ताओं ने भी शिवसेना पर ऐसे ही आरोप लगाए।

जब एमएनएस वाहन को पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा था, दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और एक-दूसरे पर पथराव किया, जिसके दौरान र्बोले को चोटें आईं। थोर्बोले को एक समूह द्वारा हॉकी स्टिक से भी पीटा गया था। कांस्टेबल के बयान के आधार पर, प्राथमिकी दर्ज की गई और कामिनी सहित 18 लोगों को मामले में आरोपी बनाया गया। पुलिस ने यह भी दावा किया कि शेवाले ने शिवसेना कार्यकर्ताओं को उकसाया था।

यह घटना दक्षिण मध्य लोकसभा क्षेत्र में घटी थी और उस समय क्रमशः एकनाथ गायकवाड़ और आदित्य शिरोडकर भी कांग्रेस और एमएनएस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे।