उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में बेहद ही शर्मनाक मामला सामने आया है। यूपी पुलिस के दारोगा ने एक मुस्लिम युवक को इसलिए पीट दिया कि वह अपने हिन्दू दोस्त की गाड़ी में परिवार के साथ सवार होकर जा रहा था। इतना ही नहीं उल्टा पीड़ित के खिलाफ ही मामला दर्ज करा दिया।

घटना हनुमान मंदिर सिविल लाइंस के पास की है। पीड़ित युवक के परिवार की महिलाओं ने बताया कि वह सुल्तानपुर के सोनारी, रामगंज स्थित अपने पैतृक गांव से मुंबई की ट्रेन पकड़ने जंक्शन जा रहे थे। महिलाओं ने ट्रेन का टिकट भी दिखाया। बताया कि जिस गाड़ी पर वह सवार थे, वह उनके परिचित की थी। परिचित का ड्राइवर उन्हें छोड़ने जा रहा था, जिसके बाद वह वापस लौट जाता।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि हनुमान मंदिर चौकी के पास पहुंचने पर एक सिपाही ने उनकी गाड़ी रोक ली और चौकी में बैठे दरोगा उमाशंकर से बात करने को कहा। गाड़ी से उतरकर तौसीफ वहां पहुंचा तो दरोगा ने पूछा कि पार्टी कितने में बुक करके लाए हो। तौसीफ के यह बताने पर कि गाड़ी एक परिचित की है, दरोगा ने कागजात दिखाने को कहा। आरोप है कि कागजात में हिंदू नाम देखकर दरोगा का कहना था कि मुस्लिम व हिंदू में दोस्ती कैसे हो सकती है और उसने बिना कुछ सुने ही चालान काट दिया।

इसकी वजह पूछने पर दरोगा व वहां मौजूद सिपाहियों ने तौसीफ को पीटना शुरू कर दिया। उसे बचाने परिवार की महिला पहुंची तो उसे भी धक्का दे दिया। महिलाओं का कहना है कि यहां देख वहां जुटी भीड़ आक्रोशित हो उठी और उसने दरोगा से धक्कामुक्की, मारपीट शुरू कर दी।

उधर घटना की जानकारी मिलने पर टीआई राकेश कुमार सिंह भी सिविल लाइंस थाने पहुंच गए। वहां उन्होंने बताया कि परमिट नियमों का उल्लंघन करने पर दरोगा ने गाड़ी का चालान किया। जब उनसे पूछा गया कि परिवार तो गाड़ी किसी परिचित की बता रहा है तो उन्होंने भी यही कहा कि परिवार मुस्लिम है तो हिंदू गाड़ी मालिक कैसे परिचित हो सकता है। जब उनसे यह कहा गया कि मुस्लिम व हिंदू परिवार परिचित क्योें नहीं हो सकते, तो वह बगलें ताकने लगे।