राजस्थान के अलवर में पति के सामने महिला की गैंगरेप की घटना की बसपा सुप्रीमो मायावती ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को अंतिम सांस तक फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने इस मामले में कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोला और है सुप्रीम कोर्ट से राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

इसके अलावा उन्होने दलित संगठन भीम आर्मी को भी निशाने पर लिया। मायावती ने अपने वोट बैंक को भीम आर्मी के प्रति एक बार फिर सचेत करते हुए कहा है कि चुनाव में विरोधी पार्टियों के इशारे पर बनाए गए उन संगठनों व पार्टियों से जरूर सावधान रहे जिनका समाज व आम जनिहत से कोई लेना देना नहीं है। ऐसे लोगों का काम केवल अपना धंधा चलाना होता है।

उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में एक भीम के नाम पर संगठन चलाया जा रहा है। इसका भीम की मूवमेंट से कोई लेना-देना नहीं है। यह कभी कांग्रेस के हाथों तो भी भाजपा के हाथों खेलकर अपना रोजी-रोटी का धंधा ही चलाता रहता है। इससे सावधान रहने की जरूरत है।

अलवर की घटना पर मायावती ने कहा कि मेरा मानना है कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार फेल है। वहां पर कांग्रेस सरकार उस महिला को इंसाफ नही दिला सकती है। उन्होंने कहा कि इस घटना का कांग्रेस सरकार ने अपने राजनीतिक स्वार्थ में पीडि़त परिवार को डरा धमकाकर तब तक इस घटना को उजागर नहीं होने दिया जब तक वहां मतदान नहीं हो गया।

मायावती ने कहा कि वहां पर मगर हमारे लोगों के काफी प्रयास के बाद सरकार पर दबाव बनाया। इसके बाद सरकार कार्रवाई करने के लिए मजबूर हो गई। मायावती ने कहा कि मेरा मानना है, वहां पर कांग्रेस सरकार उस महिला को इंसाफ नही दिला सकती है। इसकी हमारी पार्टी को बिलकुल भी उम्मीद नहीं है। ऐसे में हमारी पार्टी चाहती है कि मामले पर सुप्रीम कोर्ट स्वत: संज्ञान ले। बसपा को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में स्वता संज्ञान लेगा। आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए।