मालेगांव ब्ला’स्ट केस: प्रज्ञा ठाकुर सहित सभी आरोपियों को हफ्ते में एक बार कोर्ट में होना होगा पेश

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मध्य प्रदेश के भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी उमीदवार और मालेगांव बम धमाके की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर अपनी पार्टी की फ़ज़ीहत कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहीं हैं। पहले शहीद हेमंत करकरे के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया फिर महात्मा गांधी  के हत्यारे नाथूराम गोडसे को सबसे बड़ा देशभक्त बता दिया। लेकिन साध्वी के लिए मुश्किलें कम नहीं हुईं है।

दरअसल, मुंबई में स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने 2008 में हुए मालेगांव धमाके के सभी आरोपियों को हफ्ते में एक बार अदालत में पेश होने के लिए कहा है। आरोपियों में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और अन्य शामिल हैं। अदालत ने उनके कोर्टरूम में मौजूद न होने पर निराशा जताई। मामले में 20 मई को अगली सुनवाई होगी।

स्पेशल जज वीएस पदलकर ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि आरोपी एक ही आधार पर कोर्ट नहीं आ रहे। छूट के लिए दी गई याचिकाओं में एक जैसी दरख्वास्त है। केस में जिस तरह के आरोप हैं, उसके मद्देनजर यह सही नहीं होगा कि आरोपी छूट की याचिका दायर करके हमेशा अनुपस्थित रहें।’

जज ने कहा कि यह कोर्ट के पास विशेषाधिकार है कि वो दस्तावेज और याचिका में की गई दरख्वास्त के आधार पर तय करे कि पेशी से छूट देनी है कि नहीं। उन्होंने कहा, ‘सभी आरोपियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अदालत के समक्ष हफ्ते में एक बार उपस्थित हों। अनुपस्थिति की हालत में उन्हें पेशी से छूट के लिए ठोस कारण देना चाहिए। अगर छूट पाने के लिए दिया गया कारण ठोस नहीं लगता तो कोर्ट के पास इन याचिकाओं को खारिज करने का अधिकार है।’

बता दें कि 2008 में हुए मालेगांव धमाके में 6 लोग मारे गए थे जबकि 101 लोग घायल हुए थे। इस केस में प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, समीर कुलकर्णी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर दि्वेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और मेजर (रिटायर्ड) रमेश उपाध्याय अपनी कथित भूमिका के लिए ट्रायल के सामना कर रहे हैं।

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