दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज हाशिम अमला ने रमजान के दौरान विश्व कप पड़ने पर खुशी जताते हुए कहा कि रोजे रखने से अच्छी मानसिक और अध्यात्मिक कसरत हो जाती है ।

अमला ने आईसीसी की वेबसाइट पर कहा ,‘‘इससे मुझे अनुकूलन में मदद मिलती है ।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मैं हमेशा से रोजे रखता रहा हूं । यह साल का सबसे अच्छा महीना है । मुझे लगता है कि इससे अच्छी मानसिक और अध्यात्मिक कसरत हो जाती है ।’’

अमला 2012 में भी रमजान के दौरान इंग्लैंड में थे जब टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिये सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने का रिकार्ड अपने नाम किया ।

दक्षिण अफ्रीका के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट बल्लेबाजों में शुमार अमला ने श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच में 65 और वेस्ट इंडीज के खिलाफ वर्षाबाधित मैच में नाबाद 51 रन बनाए ।

अमला ने आईसीसी की वेबसाइट पर कहा ,‘रन बनाना हमेशा अहम होता है । मैं अंतिम एकादश में रहूं या नहीं रहूं । मैं जो कर सकता हूं, वह करता हूं और इसके बाद जो होता है वह टीम की भलाई के लिए होता है ।’

विश्व कप की तैयारी के लिए उन्होंने घरेलू टी-20 टूर्नमेंट नहीं खेला । उन्होंने कहा ,‘टी20 क्रिकेट वनडे से अलग है । मैंने बल्लेबाजी कोच डेल बेंकेंस्टेन के साथ दो सप्ताह अभ्यास किया ताकि वनडे क्रिकेट के अनुकूल खुद को ढाल सकूं । कई बार यह काम करता है, कई बार नहीं ।’