सेना या पुलिस नहीं बल्कि कश्मीरी मुस्लिमों की वजह से होती है अमरनाथ यात्रा: राज्यपाल मलिक

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जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गत वर्षों के दौरान अमरनाथ यात्रा का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने में स्थानीय मुस्लिमों की भूमिका की रविवार को प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से अमरनाथ यात्रा का आयोजन कश्मीर के लोगों के सहयोग से होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तीर्थयात्रा इस वर्ष भी सफल रहेगी।

उन्होने कहा, ‘‘यात्रा की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है और हम उसकी देखरेख कर रहे हैं। यद्यपि पुलिस या सेना यात्रा का संचालन नहीं करती। कई वर्षों से अमरनाथ यात्रा का आयोजन कश्मीर के लोगों, विशेष तौर पर हमारे मुस्लिम भाइयों द्वारा किया जा रहा है। यात्रा उनके सहयोग से होती है।” उन्होंने  कहा, ‘‘यदि हम सभी साथ मिलकर काम करे, वह सफल होगी।”

यह पूछे जाने पर कि अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्री बनने के बाद क्या केंद्र की कश्मीर नीति में बदलाव दिखेगा, मलिक ने कहा कि उन्हें अभी तक कुछ वैसा नहीं दिखा है। उन्होंने कहा, ‘मुझे अभी तक कुछ वैसा नहीं दिखा है, लेकिन अमित शाह का नेतृत्व बहुत सफल नेतृत्व है और उन्होंने जो भी कार्य हाथ में लिया है वह उसमें सफल रहे हैं।’ इससे पहले राज्यपाल ने जहांगीर चौक…रामबाग फ्लाईओवर के जहांगीर चौक से अलोची बाग हिस्से का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर से शहर में यातायात सुगम होगा।

बता दें कि हिंदुओं के पवित्र तीर्थ स्थल अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए जाने वाले अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रविवार को जम्मू से कश्मीर घाटी के लिए रवाना हो गया।  जम्मू यात्री निवास से राज्यपाल के सलाहकार के. के शर्मा ने जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई व्यवस्था के तहत यात्री बालटाल और पहलगाम रूट से जा सकेंगे। दोनों रास्तों पर सुरक्षाबलों का सख्त पहरा है। आतंकी खतरे को देखते हुए अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में 40 हजार जवान तैनात किए गए हैं। सेना की स्पेशल क्विक एक्शन टीम भी लगाई गई। एक जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा 15 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान ढाई लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने की उम्मीद है।

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