जायरा वसीम के समर्थन में उतरे सांसद एसटी हसन, नाचते-गाने को बताया तवायफ

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दंगल गर्ल जायरा वसीम के अपने मजहब के चलते बॉलीवुड छोड़ने की घोषणा को समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद एसटी हसन ने सोमवार को सही ठहराया और कहा कि इस्लाम ‘औरतों को जिस्म की नुमाइश करने की इजाजत नहीं देता।’ उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में भी इसी तरह की बातें कही गई हैं।

जायरा के समर्थन में उतरे सपा सांसद एसटी हसन ने कहा कि ‘मेरा धर्म इस्लाम है और मैं स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि ‘औरतों को अपनी जिस्म की नुमाइश करने का अधिकार नहीं है।’ महिलाओं का ऐसा पहनावा जो पुरुषों को उकसाता है, उस पर पूरी तरह मनाही है। यह इस्लाम में पूरी तरह ‘हराम’ है। मुझे लगता है कि हिंदू धर्म में भी इसी तरह की बातें कही गई हैं। हम लोग अपनी संस्कृति छोड़कर पश्चिम की संस्कृति अपना रहे हैं। वे लोग जो ऐसा कर रह हैं, यदि उनकी इच्छा है तो वे पश्चिम संस्कृति को अपना सकते हैं, मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है।’

उन्होंने कहा, इस्लाम के अंदर औरतों को अपने जिस्म की नुमाइश करने की इजाजत नहीं है। या ऐसी चीजें करने की इजाजत नहीं है जो चीजें मर्दों को उकसाती हैं। ये हमारे यहां हराम है। जिन्हें अपनी जिस्म की नुमाइश करना पसंद है, वे करें। हम धार्मिक लोग हैं। हमें अल्लाह और ईश्वर को अपने काम का हिसाब देना है।’

सपा सांसद ने कहा, हम पश्चिमी देशों की सभ्यता के पीछे दौड़ रहे हैं। अपने अपनी सभ्यता को पीछे छोड़ दिया है। अब से 25 साल पहले हम जो चीजें अपने बच्चों के साथ स्क्रीन पर नहीं देख सकते थे, अब खुलेआम देख रहे हैं। बचपन में आपने स्क्रीन पर किसी को किस करते देखा, लेकिन अब यह आम बात हो गई है। आखिर हम अपनी तहजीब को कहां ले जा रहे हैं? हम भारत के रहने वाले हैं। हिंदुस्तान की अपनी तहजीब है। हमने दूसरों को तहजीब सिखाई है और अब हम उनकी तहजीब अपना रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान ने भी एसटी हसन के तवायफ वाले बयान का समर्थन किया है। आजम खान ने कहा कि जायरा वसीम को कल तक फिल्मों में काम करना अच्छा लगता था, आज उन्हें अच्छा नहीं लग रहा है तो ठीक है। लेकिन इसे धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिल्म अदाकारा की बात को सीरियस नहीं लिया चाहिए।

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