साल 1966 में रिलीज़ फिल्म ‘मेरा साया’ का सदाबहार गीत ‘झुमका गिरा रे….’ तो आपने ज़रूर ही सुना होगा. सुनील दत्त और साधना के अभिनय से सजी इस फिल्म का ये गीत इतना मशहूर हुआ कि बरेली झुमकों के लिए मशहूर हो गया. इस फिल्म को बने पचास बरस से उपर हो गये हैं. और आख़िरकार बरेली को ‘मशहूर झुमका’ मिल ही गया. इस विशालकाय झुमके को बरेली में नेशनल हाईवे के जीरो पॉइंट पर सजाया गया है. 8 फ़रवरी को ‘झुमका तिराहे’ का लोकार्पण केन्द्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने किया.

इस झुमके को 14 फीट की ऊँचाई पर लगाया गया है. 200 किलो वजनी इस झुमके में रंगीन पत्थर जड़े गये हैं. साथ ही इस झुमके में शहर की मशहूर ‘जारी’ कारीगरी भी की गयी है. ‘मेरा साया’ फिल्म की सिल्वर जुबली पर इस झुमके का निर्माण कार्य शुरू हुआ. इस झुमके को बनाने के लिए पहले ‘बीडीए’ के पास पर्याप्त फंड तक नहीं था. बरेली के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर केशव ने इसके निर्माण में काफी योगदान दिया है.

बरेली का ये ‘झुमका’ तकरीबन 18 लाख में बन कर तैयार हुआ है. जहाँ मुख्य झुमका 8 लाख में बन गया, वहीँ इस झुमके के आस-पास की जगह को खुबसुरत बनाने के लिए 10 लाख रुपये खर्च किये गये. बीडीए का कहना है कि ये झुमका न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि इसके ज़रिये शहर की अनूठी कारीगरी को बढ़ावा भी मिलेगा.