इस वक़्त सऊदी अरब से एक बड़ी राजनीतिक उठापटक की खबर आ रही है. सऊदी अधिकारियों ने किंग शाही महल के तीन सदस्यों को हिरा’सत में ले लिया है. इन तीनों सदस्यों पर सत्ता के तख्तापलट की कोशिश का आ’रोप है. सऊदी अधिकारियों ने किंग सलमान के भाई राजकुमार अहमद बिन अब्दुल अजीज अल सौद, उनके भतीजे मोहम्मद बिन नयफ को राजद्रोह के आरो’प में हिरा’सत में लिया है. शुक्रवार सुबह काले वर्दी में तैनात शाही गार्ड्स शाही सदस्यों के महल पहुंचे और उन्हें अपने क’ब्जे में ले लिया.

सऊदी अरब की शाही अदा’लत ने इन दोनों लोगों पर किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के खिला’फ सा’जिश रचने और उन्हें पद से हटाने का आरो’प लगाया है. जिन लोगों पर ये आ’रोप लगे हैं उनमें से एक शाही गद्दी का दावेदार भी है. रिपोर्ट के मुताबिक अगर ये आरो’प सही साबित होते हैं उन्हें आजीवन कारा’वास या फिर मौ’त की स’जा हो सकती है. प्रिंस नयफ के छोटे भाई प्रिंस नवफ को भी हिरा’सत में लिया गया है. इस बाबत जब दुनिया भर की मीडिया एजेंसियों ने सऊदी अधिकारियों की प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है.

सऊदी अरब के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम ने एक बार फिर से संकेत दिया है कि प्रिंस सलमान सऊदी अरब की सत्ता पर अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रहे हैं. सऊदी अरब की मौजूदा राजनीति में प्रिंस सलमान सबसे ताकतवर नेता हैं. फिलवक्त सऊदी अरब का वास्तविक नेता उन्हें ही माना जा रहा है. हालांकि मुल्क के बादशाह के रूप में इस वक्त उनके पिता 84 साल के शासक किंग सलमान ही काबिज हैं. प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सामने इस वक्त अपने पिता से सत्ता के हस्तांतरण की अहम चुनौ’ती है. राजमहल के कई सदस्य देश की सत्ता में अपनी भागीदारी चाहते हैं. सऊदी राजमहल में राज परिवार के अहम सदस्यों की गि’रफ्तारी को प्रिंस सलमान द्वारा इसी आतंरिक असं’तोष को कुचलने के तौर पर देखा जा रहा है.