निर्भया गैं’गरे’प के दो’षी फां’सी से बार बार बचते रहे हैं. हाल ही में अदा’लत ने चारों दो’षियों को 20 मार्च को फां’सी पर लटकाने का आदेश दिया है. फैसला आने के बाद से चारों दो’षी और उनके परिजन इस फां’सी को टालने के लिए नए-नए पैंतरे आजमा रहे हैं.  अब दो’षियों ने फां’सी की स’जा से बचने के लिए इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में याचिका दाखिल की है. इस याचिका में तीन दो’षियों ने फां’सी की स’जा पर रोक लगाने की मांग की है. यह याचिका अक्षय, पवन और विनय ने यह याचिका दाखिल की है.

ससे पहले सोमवार को सुप्रीम को’र्ट ने दो’षी मुकेश सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने अपने सभी का’नूनी उपायों को यह कहते हुए बहाल करने का अनुरोध किया था कि उसके पुराने वकील ने उसे गुमराह किया था. को’र्ट ने कहा कि सभी का’नूनी उपायों को बहाल करने का अनुरोध करने वाली निर्भया मामले के दो’षी मुकेश सिंह की याचिका विचारणीय नहीं है. निर्भया गैं’गरे’प और ह’त्या मामले में फां’सी की स’जा पाने वाले चार दो’षियों के परिवारवालों ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर इच्छामृ’त्यु की अनुमति मांगी. इच्छामृ’त्यु मांगने वालों में दो’षियों के बुजुर्ग माता-पिता, भाई-बहन और उनके बच्चे शामिल हैं.

दो’षियों के परिवार ने हिन्दी में राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि हम आपसे (राष्ट्रपति) और पी’ड़िता के माता-पिता से अनुरोध करते हैं कि वे हमारे अनुरोध को स्वीकार करें और हमें इच्छामृ’त्यु की अनुमति दें. भविष्य में होने वाले किसी भी अप’राध को रोकें, ताकि निर्भया जैसी दूसरी घटना न हो और अदा’लत एक व्यक्ति के स्थान पर पांच लोगों को फां’सी ना दे. दो’षियों के परिजनों ने कहा कि ऐसे कोई पा’प नहीं हैं जिसे मा’फ नहीं किया जा सकता है. पत्र में आगे लिखा है कि हमारे देश में महापा’पी को क्षमा कर रहे हैं. बदला की परिभाषा शाक्ति नहीं है. क्षमा करना शक्ति है. अभी तक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सभी दो’षियों की दया याचिका खारिज कर चुके हैं. हालांकि दो’षी अक्षय सिंह ठाकुर ने नई दया याचिका दाखिल की है जिसमें उसने कहा है कि राष्ट्रपति ने जो पुरानी दया याचिका दाखिल की थी उसमें सारे फैक्ट मौजूद नहीं थे.

हालांकि इस मामले में दो’षियों ने फां’सी की स’जा से बचने के लिए दिल्ली की निचली अदा’लत, हाईको’र्ट और सुप्रीम को’र्ट में याचिका दाखिल कर रखी है. गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2012 की रात चलती बस में 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा के साथ छह लोगों ने बेहद वी’भत्स और क्रू’र तरीके से गैं’गरे’प और ह’त्या की थी. इस मामले में एक आरो’पी ने ति’हाड़ जे’ल में फां’सी लगाकर आ’त्मह’त्या कर ली थी. वहीं पी’ड़िता की कुछ दिनों बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में मौ’त हो गई थी.