चीन से उपजे कोरोना वायरस ने आज पूरी दुनिया की रफ़्तार पर रोक लगा रखी है. कितने ही देश लॉकडाउन के हालात में हैं. ये हाल वहां हैं, जहाँ मेडिकल सुविधाएं और टेक्नोलॉजी भारत और पाकिस्तान जैसे देशों से कहीं आगे है. जहाँ बहुत से देशों में जनता और प्रशासन दोनों ही मुस्तैद हैं, वहीं बहुत लोग अभी भी इसे बेहद लापरवाही से ले रहे हैं. इसकी सटीक दवा कब आएगी या इसका वैक्सीन कब तक आएगा, सटीक तौर पर कुछ कहना संभव नहीं है. कोरोना से ड’रना इसका इलाज नहीं है. बेहद ध्यान देने वाली बात ये है कि कोरोना से होने वाली मौ’तों का प्रतिशत समय-समय पर फैले अन्य कई वायरस की तुलना में काफी कम है. लेकिन विचार करने वाली बात ये है कि ये वायरस तेज़ी से फैलता है और इसके लक्षण दिखने में काफी वक़्त लग रहा है.

आम तौर पर किसी संक्रमित व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण 10 से 15 दिन में दिख रहे हैं. इतने समय में वह संक्रमित व्यक्ति और कई लोगों को संक्रमित कर चुका होता है. कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर म’रना तय नहीं है, ठीक होकर घर जाने वाले लोगों का प्रतिशत अधिक है, लेकिन इसके विषय में जो बात चिं’ता में डालती है वो है मरीज के ठीक हो जाने तक सब से पूरी तरह से दूर हो जाना. बहुत लोगों के लिए अपने परिवार से दूर होना बेहद भ’यावह अनुभव है. घर के एकमात्र कामकाजी व्यक्ति या छोटे बच्चों की माँ या फिर बेहद ही छोटे बच्चे, इन सभी का अपने परिवार को छोड़ कर इलाज पूरा होने तक अलग-थलग रहना ही वो डर है जो लोगों को आ’त्मह’त्या तक करने पर मजबूर कर रहा है.  कुछ एहतियात बरत कर आप भी इस वायरस को खुद से दूर रख सकते हैं. जानिये कैसे –

सबसे पहले तो ध्यान दें कि ज़रूरी न हो तो घर से बिलकुल न निकलें. ताज़ी हवा का मन हो तो अपने घर की बालकनी या छत पर ही टहलें, व्यायाम करें. यदि अपरिहार्य कारणों से बाहर निकलना ज़रूरी ही हो तो घर आकर अपने कपड़े, जूते आदि बदल कर, हाथ मुँह साफ़ करके ही घर में घुलें मिलें.

बाहर जाते वक़्त मास्क नहीं है तो सूती रुमाल को मुँह पर बाँधिये. वैसे भी चेहरा लपेट कर निकलने का मौसम आ ही रहा है. आँखों में गंदे हाथ न लगें, इसके लिए चश्मा लगायें, स्वत ही आँखों पर हाथ कम जायेगा.

घर में साबुन की जगह लिक्विड सोप को दीजिये. ब्रांडेड हो ये ज़रूरी नहीं. सैनिटाइजर के साथ-साथ पेपर सोप भी साथ रखिये. जहां पानी उपलब्ध हो, वहां सैनिटाइजर की जगह पेपर सोप से हाथ धो कर साफ़ करें. वैसे भी, ढेरों केमिकल वाला सैनिटाइजर कई बार लगाए हाथों से कुछ खा-पी कर कोरोना से भले बच जाएं, लेकिन इतने केमिकल खाने के साथ पेट तक जाकर आपको बीमार बना सकते हैं, और बीमार शरीर पर कोरोना वायरस जल्दी असर करता है.

सफाई सिर्फ हाथ की ही नहीं, घर के दरवाजों के हैंडल, रेलिंग, बाइक-गाड़ी के हैंडल-स्टेयरिंग, अलमारियों के हैंडल, बाथरूम-किचन के नल, वाईपर, टॉयलेट सीट के जेट बटन-फ्लश बटन, टूथपेस्ट, फेसवाश की ट्यूब, हैंडवाश या सोप डिस्पेंसर आदि की भी कीजिये. ये जगहें भी गन्दे-साफ हाथों से छुई जाती हैं.

जितना सम्भव हो, घर के अंदर जूते-चप्पल पहनना तुरन्त व’र्जित कर दें. आवश्यक हो तो कुछेक पुराने जूते-चप्पल ठीक से साफ कर लें, फिर उन्हें घर के अंदर बरतें. सड़क पर लोग थूकते भी हैं, न जाने कितने संक्रमित लोग होंगे देशभर में इस वक़्त, जिनका अभी तक कोई रिकॉर्ड नहीं है. बाहर पहने जाने वाले जूते-चप्पलों के ज़रिए भी बहुत से वायरस-बैक्टीरिया घर में आते हैं. फिर कितने ही लोग घर में आई उस सूक्ष्म गन्दगी पर नंगे पाँव चलते और बिस्तरों वगैरह पर भी चढ़ते हैं (बच्चों वाले घरों में तो खास तौर पर) तो वो सब आपके बिस्तरों के ज़रिए भी आपके शरीर के सम्पर्क में आ सकता है.

 बाथरूम में इस्तेमाल होने वाली चप्पल बाथरूम में या उसके ठीक बाहर ही रखें. यदि अभी तक आप ऐसा नहीं करते हैं तो कोई भी पुरानी चप्पल इस काम के लिए रख लें. लेकिन ये ध्यान रखना ज़रूरी है कि चप्पल फिसलने वाली न हों, वरना कोरोना नहीं तो फिसलने के कारण लगने वाली चो’ट आपको डॉक्टर तक पहुंचा सकती है.

बाजार से सामान लेकर बचे पैसे लायें या एटीएम से नोट, रूपया एक ही जगह रखें. रुपये हाथ में लेने के बाद भी हाथ भी ज़रूर धुलें. करेंसी सबसे ज़्यादा और सभी तरह के हाथों से गुजरती है, सबसे ज़्यादा इन्फेक्शन भी वही फैला सकती है.

ऑनलाइन शॉपिंग करें तो पार्सल खोलने के बाद भी हाथ ज़रूर साफ करें. सम्भव हो तो मंगाए गए सामान को कुछ दिन इस्तेमाल न करके कुछ धूप ज़रूर लगा दें.

फ्रिज डोर का हैंडल, स्विच बोर्ड, फोन की स्क्रीन, चार्जर आदि भी साफ़ रखें. हो सके तो वेट वाइप्स साथ रखें जिससे बाहर रहने के दौरान केवल गंदा चेहरा ही नहीं, फोन भी साफ़ कर सकें.

घर में पोंछे आदि के दौरान फ्लोर क्लीनर उपलब्ध नहीं हो तो पानी में नमक या सिरका या कुछ बूँद केरोसीन भी मिला सकते हैं. घर में रहने वाले लोग दिन भर हाथों को साफ़ करने के लिए सैनीटाईजर की जगह पानी में कुछ बूँद नींबू का रस मिला कर भी हाथ धो सकते हैं. ध्यान रखें, साव’धानी ही बचाव है.