दुनिया भर में त’बाही मचाने वाला कोरोना वायरस चीन के वुहान से उपजा है. हालाँकि इस वायरस ने चीन से ज्यादा त’बाही इटली और अमेरिका में मचाई है. अब चीन के एक बड़े वैज्ञानिक ने दावा किया है कि इस महीने के आखिर तक कोरोना वायरस दुनिया में ‘निर्णायक मोड़’ तक पहुंच सकता है. कोरोना से जंग के लिए चीन की सरकार की ओर से तैनात किए गए डॉक्‍टर झोंग नानशान ने कहा क‍ि चीन में कोरोना वायरस का दूसरा चरण शुरू नहीं होगा. उन्‍होंने कहा कि चीन ने बहुत प्रभावी निगरानी प्रणाली विकसित की है, इससे ख’तरा टल गया है.

डॉक्‍टर झोंग ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ‘कोरोना वायरस बहुत तेजी से संक्रमित करने वाला है और इसमें म’रने वालों की तादाद बहुत ज्‍यादा है. इससे निपटने के लिए दो तरीके हैं. एक इसके संक्रमण की दर को एकदम कम से कम कर दो और फिर इसे फैलने से रोक दो ताकि बचाव के लिए ज्‍यादा समय मिल सके.’ बता दी कि लॉक’डाउन करने वाले अधिकांश देशों का भी यही मानना है कि लॉक’डाउन के ज़रिये सोशल डिस्टेंसिंग का आसानी से पालन किया जा सकेगा जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने में मदद मिलेगी.

उन्‍होंने कहा कि कोरोना से निपटने का दूसरा तरीका यह है कि इसके संक्रमण में देरी कर दो और कुछ तरीके अपनाकर इसके मरीजों की संख्‍या को कम कर दो. चूंकि और ज्‍यादा देशों ने कड़े कदम उठाए हैं, मेरा अनुमान है कि अप्रैल के अंत तक नए मामलों की संख्‍या कम होनी शुरू हो जाएगी.’ उन्‍होंने उन आरो’पों को खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि साइलेंट कैरियर की वजह से चीन में कोरोना फिर से पैर पसार सकता है.