अमेरिकी कंपनी ने बना ली कोरोना वायरस की ऐसी दवा, कुछ ही खुराक में ठीक हो रहे मरीज

0
537

कोरोना वायरस ने कुछ ही वक़्त में दुनिया की चूलें हिला दी हैं. तमाम देश लॉक’डाउन के बावजूद बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान झेल रहे हैं. आम आदमी खौ’फ के चलते अपने-अपने घरों में सिमट कर रहने के लिए मजबूर है. कई देशों के वैज्ञानिक इसके लिए दवाई तैयार करने के लिए लगातार रिसर्च कर रहे हैं. इस बीच अमेरिकी कंपनी जीलीड साइंस ने राहत की एक बड़ी खबर दी है. कंपनी का कहना है कि उसने एक ऐसी दवाई तैयार की है, जिसका असर कोरोना वायरस के मरीज़ों पर दिखने लगा है.

जीलीड साइंस की इस दवा का क्लीनिकल ट्रायल किया गया. इसके तहत कोरोना वायरस के ऐसे 53 मरीजों को चुना गया जो बेहद गंभीर स्थिति में थे. इस दवा के देते ही आधे मरीजों को वेंटिलेटर से हटा लिया गया, जबकि 47 फीसदी मरीज को बाद में अस्पताल से छुट्टी मिल गई. इस ट्रायल के तहत यह दवा अलग-अलग देशों के मरीजों को दी गयी, जिसमें अमेरिका, यूरोप, कनाडा और जापान के मरीज शामिल हैं.

तेज़ी से बढ़ रही महामा’री और अभी तक वैक्सीन न आ पाने की दशा में इस दवा से दुनिया भर में उम्मीदें जाग गई है. हालांकि कंपनी का कहना है कि अभी पुख्ता तौर पर ये नहीं कहा जा सकता है कि इस दवाई से कोरोना के मरीज़ ठीक हो ही जाएंगे. दरअसल इसे अभी कंट्रोल तरीके से नहीं आजमाया गया. यानी ये नहीं पता लगाया जा सका कि अगर इन मरीजों को ये दवाई नहीं दी जाती तो क्या वो ठीक हो पाते या नहीं. फिलहाल वैज्ञानिकों ने कहा है कि अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता लेकिन उम्मीदें ज़रूर बढ़ गई हैं.

इस बीच अमेरिकी कंपनी ने कहा है कि वो कई और जगह अपनी दवाइयों का ट्रायल कर रहे हैं और मई में कुछ और बेहतर नतीजे सामने आ सकते हैं. बता दें कि दुनिया के कई देशों में फिलहाल अलग-अलग दवाओं पर शोध किए जा रहे हैं जिसमें मलेरिया की दवाई भी शामिल है. अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि मलेरिया की दवाई दुनिया भर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है.