कोरोना वायरस के फैलने की रफ़्तार चिंताजनक, श’वों से भी फ़ैल रहा है वायरस

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कोरोना वायरस बड़ी तेज़ी से पूरे विश्व में फ़ैल चूका है. आम तौर पर अन्य वायरस की संक्रमण फैलाने की रफ़्तार कुछ कम होती है लेकिन कोरोना वायरस बेहद तेज़ी से फैलता है. यहाँ तक कि ये जिन्दा मरीजों के अलावा मरीज के श’व से भी फ़ैल सकता है. थाईलैंड से आई एक खबर अब इस बात को और पुष्ट कर रही है. थाईलैंड के एक्सपर्ट्स का कहना है कि देश में कोरोना वायरस किसी जिंदा आदमी से नहीं बल्कि एक श’व की वजह से फैला है. हुआ ये कि एक डॉक्टर एक मृ’तक कोरोना मरीज के शरीर का परीक्षण कर रहा था. परीक्षण के दौरान उस मृ’तक के शरीर से कोरोना वायरस डॉक्टर के शरीर में ट्रांसफर हो गया था. ये खबर श”व गृहों के कर्मचारियों के लिए चिंताजनक है. इससे पहले ऐसी कोई स्टडी सामने नहीं आई थी. ये स्टडी ‘जर्नल ऑफ़ फॉरेंसिक एंड लीगल मेडिसिन स्टडी’ में आई है.

शोधकर्ताओं वोन सृविजितालाई औरविरोज विवानित्कित का कहना है कि अभी तक ये नहीं पता चल सका है कि थाईलैंड में कितने श’वों में कोरोना वायरस मौजूद है क्योंकि इस तरह का कोई परीक्षण पो’स्टमॉ’र्टम के दौरान नहीं किया जा रहा है. हालांकि वैश्विक स्तर पर 19 लाख संक्रमण के मामले होने के बावजूद थाईलैंड में अभी सिर्फ 2579 मामले ही सामने आए हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी तक ये बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि कोरोना वायरस कितने दिनों तक श’वों में रह सकता है. इससे पहले इबोला वायरस के भी श’वों से इंसानों में ट्रांसफर होने का मामला सामने आया था. इससे पहले डब्ल्यूएचओ ने हेपेटाइटिस, टीबी और कॉलरा के मरीजों की डे’ड बॉडी को लेकर गाइडलाइंस जारी कर रखी हैं. संस्था ने इन रोग से म’रने वाले मरीजों के श’वों को सील करने के दौरान ज्यादा एहतियात बरतने की गाइडलाइंस जारी की हुई हैं.

गौरतलब है कि बीते 25 मार्च को थाईलैंड के मेडिकल डिपार्टमेंट ने कहा था कि कोरोना संक्रमितों के श’व से वायरस नहीं फैलता है. दरअसल उस समय देश में कई अंतिम संस्कार स्थलों ने कोरोना मरीजों के श’वों को लेने से मना कर दिया था. एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना मरीजों के श’वों को लेकर दुनियाभर के श’व गृह कर्मचारी अपनी चिंता जता चुके हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू हेवन के प्रोफेसर जॉनसन मैक्गी का कहना है कि कोरोना मरीजों के श’वों के संपर्क में आने वाले हर व्यक्ति को पूरे इंतजाम करने चाहिए. इन मरीजों की का पो’स्टमॉ’र्टम करने वाले डॉक्टरों और स्टाफ पर बहुत बड़ा ख’तरा मंडरा रहा है. उन्होंने कहा कि हमें उन लोगों का खयाल रखना ही होगा जो मृ’तकों का खयाल रखते हैं. कोरोना महामा’री फैलने के बाद ही चीन से ऐसी खबरें भी आई थीं कि श’वों को जलाया जा रहा है. दरअसल शुरुआत से कोरोना की वजह म’रे लोगों को जलाया जाना ही सबसे मुफीद तरीका माना जा रहा है. श’वों से वायरस ट्रांसफर होने की खबर चिंताजनक है और कई देश इस पर विचार कर रहे हैं.