चीन के वुहान से पूरी दुनिया में फैला कोरोना वायरस महामा’री बन गया है. बड़ी संख्या में लोगों की मौ’त हो रही है. लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि दुनियाभर में कोरोना के मामले पुरुषों में अधिक सामने आ रहे हैं. इसकी वजह महिलाओं में रोगों से ल’ड़ने की अधिक क्षमता को बताया जा रहा है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, इम्युनिटी के अलावा भी इसकी कई वजह हैं. पुरुषों में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों (लाइफस्टाइल डिसीज) के मामले महिलाओं से ज्यादा हैं और ये खुद को स्वच्छ रखने के मामले में भी पीछे हैं. दूसरा सबसे बड़ा फैक्टर है ऐसीई2 नाम का प्रोटीन, जो कोरोना के फैलने में काफी मददगार साबित होता है, क्योंकि यह वायरस भी आरएनए यानी राइबोन्यूक्लिक एसिड से ही बना है जो एक तरह का प्रोटीन ही है. दुनिया के 6 देशों के आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ कि महिलाओं में कोरोना के मामले कम हैं. महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में संक्रमण के कारण मौ’त का आंकड़ा 50 फीसदी तक ज्यादा है. एक हालिया शोध के मुताबिक, महिलाओं में संक्रमण खत्म होने में 4 दिन लगते हैं जबकि पुरुषों में 6-8 दिन तक लग जाते हैं. पुरुषों में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले इन वजहों से ज्यादा बढ़ रहे हैं.

1. स्मोकिंग- न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित शोध के मुताबिक, चीन में कोरोना के कारण म’रने वालों में 26 फीसदी धूम्रपान करने वाले थे. शोधकर्ताओं के मुताबिक, धूम्रपान करने में महिलाओं के मुकाबले पुरुष आगे हैं. शोध के मुताबिक, सिगरेट पीने के दौरान, बार-बार हाथ मुंह के पास पहुंचता है, इसलिए ख’तरा और भी ज्यादा है. यहाँ बता दें कि कोरोनावायरस का संक्रमण सिगरेट के धुएं से नहीं फैलता है, लेकिन धुआं फेफड़ों को खराब करता है. अगर कोई ज्यादा सिगरेट पीता है तो उसके फेफड़े कमजोर हो जाते हैं और ऐसे लोगों को वायरस के संक्रमण का ख’तरा भी ज्यादा होता है. जो इंसान किसी भी तरह का धूम्रपान करते हैं, उनमे संक्रमण जल्दी फैलने का ख’तरा है.

2. कमजोर इम्यून सिस्टम- अमेरिकन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी के मुताबिक, कोरोना से ल’ड़ने में महिलाओं की इम्युनिटी बेहतर है. शोध के अनुसार, महिलाओं में रिलीज होने वाले सेक्स हार्मोन एस्ट्रोजन शरीर की कोशिकाओं वायरस से लड़ने के लिए एक्टिवेट करते हैं. जबकि पुरुषों में सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन का असर उल्टा होता है. एक्स क्रोमोसोम्स में इम्यून जीन्स मौजूद होते हैं जिन्हें आरएनए वायरस ढूंढ लेते हैं. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के इम्यूनोलॉजिस्ट प्रो. फिलीप गोल्डर के मुताबिक, महिलाओं के शरीर में बीमारियों से ल’ड़ने के लिए रिस्पॉन्स तेज होता है इसलिए उनका इम्यून सिस्टम ताकतवर बनता चला जाता है और रोगों से ल’ड़ने की क्षमता अधिक हो जाती है.

3. लाइफस्टाइल डिसीज- एन्नल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, पुरुषों में लाइफस्टाइल डिसीज जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के मामले महिलाओं से ज्यादा होते हैं. ये बीमारियां कोरोना संक्रमण का ख’तरा बढ़ाती हैं. शोध के मुताबिक, 2003 में सार्स के संक्रमण के दौरान हॉन्ग-कॉन्ग में सबसे ज्यादा महिलाएं संक्रमित हुई थीं लेकिन फिर भी पुरुषों की मौ’त का आंकड़ा 50 फीसदी तक अधिक था. मर्स महामा”री के दौरान भी संक्रमण से पुरुषों की मौ’त का आंकड़ा 32 फीसदी था. महिलाओं में यह आंकड़ा 25.8 फीसदी था. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, महिलाएं पुरुषों से 6 से 8 साल अधिक जीती हैं.

4. ऐसीई2 प्रोटीन- जब कोरोनावायरस शरीर में पहुंचता है तो ऐसी कोशिकाओं से जुड़ता है जो ऐसीई2 प्रोटीन रिलीज करती हैं. आमतौर पर प्रोटीन फेफड़ों, हृदय और आंतों में पाया जाता है लेकिन इसकी सबसे ज्यादा मात्रा टेस्टिस में पाई जाती है. जबकि महिलाओं की ओवरी में यह बेहद कम मात्रा में पाया जाता है.

5. पुरुष पर्सनल हाइजीन- महामा’री से निपटने के लिए दुनियाभर के विशेषज्ञों ने साफ-सफाई बरतने के साथ बार-बार हाथ धोते रहने की सलाह दी थी. विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के मुकाबले बार-बार हाथ धोने में पुरुष लापरवाह नजर आते हैं. इसीलिए संक्रमण के मामले अधिक सामने आने की एक वजह ये भी है. जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक यूनिहिरो मैत्सुहिता के मुताबिक- सफाई बरतने के मामले में, खासकर हाथों को धोने में पुरुष महिलाओं से पीछे रहते हैं.