क्रिकेट में हम हमेशा देखते हैं कि बॉलर हमेशा ही बॉल डालने से पहले बॉल को थूक से चमकाते हैं. लेकिन अब ऐसा करना कोरोना वायरस के नज़रिए से बहुत ख’तरनाक है. लार से गेंद को चमकाने के कारण जो समस्या आती है, यह उन मुद्दों में शामिल है जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की मेडिकल टीम द्वारा उठाए गए थे और इस पर खेल के दोबारा शुरू होने से पहले चर्चा होनी है. अब गेंद को चमकाने के लिए लार की जगह कृत्रिम विकल्प की तलाश जारी की जारी है, ताकि कोरोना संकट थमने के बाद दोबारा खेल शुरू हो तो नए रूप में हो.

खेल जगत की खबरों की मानें तो कोविड-19 के मद्देनजर अधिकारी खिलाड़ियों के लिए गेंद को चमकाने के लिए एक पदार्थ के उपयोग पर विचार कर रहे हैं, ताकि वे अपनी लार का इस्तेमाल गेंद को चमकाने के लिए न करें. इसका मतलब है कि गेंद को चमकाने के लिए प्रभावी तरीकों के बारे में सोचना होगा, ताकि रिवर्स स्विंग और स्विंग को बनाए रखा जाए.’ कोविड-19 के कारण पूरा देश इस समय रुका हुआ है और क्रिकेट सहित सभी तरह की गतिविधियां बंद कर दी गई हैं. इससे पहले भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले मैच से पहले भुवनेश्वर कुमार ने भी यह मुद्दा उठाया था. अंत में यह सीरीज भी कोविड-19 की भेंट चढ़ गई थी.

भुवनेश्वर ने कहा था, ‘हमने इस बारे में सोचा है (लार का उपयोग न करने के बारे में). मैं अभी इसके बारे में पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि हम गेंद को चमकाने के लिए लार का उपयोग नहीं करेंगे क्योंकि अगर हम लार का उपयोग नहीं करेंगे तो हम गेंद को कैसे चमकाएंगे? फिर हमें मार पड़ेगी और आप लोग कहेंगे कि हम लोग अच्छी गेंदबाजी नहीं कर रहे हैं. अब देखना ये है कि इसका क्या विकल्प निकल कर सामने आता है.