दुनिया भर में फैली कोरोना वायरस महामा’री के चलते देश लॉक’डाउन है. ये लॉ’कडाउन का दूसरा चरण है, जो 3 मई को ख़त्म होना है. लॉक’डाउन खोलने के विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की. इस बैठक में पीएम मोदी ने लॉक’डाउन खोलने को लेकर चर्चा की और कहा कि इसपर एक नीति तैयार करनी होगी, जिसपर राज्य सरकार को विस्तार से काम करना होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में कहा कि राज्य सरकार अपनी नीति तैयार करें कि किस तरह लॉक’डाउन को खोला जाए. इसमें रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के राज्य अपने इलाकों में देखभाल कर लॉक’डाउन खोल सकते हैं. जिन राज्यों में अधिक केस है, वहां लॉक’डाउन जारी रहेगा, जिन राज्यों में केस कम है वहां जिलेवार राहत दी जाएगी.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था को लेकर परेशान न हों, हमारी अर्थव्यवस्था अच्छी है. बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के अलग-अलग जिलों को जोन के हिसाब से बांटा है, अभी करीब 170 से अधिक जिले रेड जोन में शामिल हैं. इस लॉक’डाउन के बाद आगे की रणनीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की. इसमें कई राज्यों की ओर से लॉक’डाउन को आगे बढ़ाने और फेज़ वाइज़ लॉक’डाउन हटाने का प्रस्ताव रखा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्रियों के बीच ये बैठक करीब तीन घंटे तक चली. पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि राज्य सरकारों ने अच्छा काम किया है, लॉक’डाउन की वजह से हमें फायदा हुआ है. इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोटा में फंसे हुए बच्चों का मुद्दा उठाया. नीतीश कुमार ने मांग करते हुए कहा कि बच्चों को लाने के लिए एक नीति बननी चाहिए, कई राज्य लगातार बच्चों को वापस बुला रहे हैं. गौरतलब है कि बैठक से पहले भी कई राज्य सरकारें इस बात को कह चुकी हैं कि एक दम से लॉ’कडाउन को हटाना खत’रनाक साबित हो सकता है, ऐसे में केंद्र सरकार को लॉक’डाउन को लेकर ज़ोन के हिसाब से अलग-अलग नीति बनानी चाहिए. बता दें कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात आदि राज्यों में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं.