सोशल मीडिया की अदा’लत – ये है फेसबुक का ‘सुप्रीम को’र्ट’, करेंगे ये ख़ास काम

0
40

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फेसबुक ने एक स्वतंत्र जां’च आयोग का ऐलान किया है. ये बोर्ड फेसबुक पर आने वाली विवा’दित पोस्ट्स की जांच करेगा और अपना फैसला सुनाएगा. ये बोर्ड कॉन्टेंट मॉडरेशन पर भी काम करेगा. इस बोर्ड में डेनमार्क के पूर्व प्रधानमंत्री भी शामिल हैं. इनके अलावा फेसबुक द्वारा बनाए गए इस इंडिपेंडेट बोर्ड में एक नॉबेल प्राइज विनर और कई लॉ एक्सपर्ट्स भी शामिल किये जायेंगे. शुरुआत में फेसबुक इस बोर्ड में केवल 16 मेंबर्स रखेगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 40 तक किया जा सकता है. फेसबुक का ये जां’च आयोग ये तय करेगा कि किस तरह के पोस्ट को फेसबुक से हटाया जाना चाहिए और इसके लिए वो फेसबुक के सीईओ की बात भी मानने के लिए बाध्य नहीं होगा.

फेसबुक द्वारा बनाए गए इस इंडिपेंडेट बोर्ड को फेसबुक का सुप्रीम कोर्ट भी कहा जा रहा है. फेसबुक के इस ‘सुप्रीम को’र्ट’ में कंपनी के मुखिया मार्क जकरबर्ग भी ये फैसला बदल नहीं सकेंगे कि कौन सा पोस्ट फेसबुक या इंस्टाग्राम से हटाया या नहीं हटाया जाना चाहिए. गौरतलब है कि फेसबुक कॉन्टेंट मॉडरेशन को लेकर लंबे समय से सवालों के घेरे में रहा है. ऐसा कई बार देखने में आया है कि जहाँ कई विवा’दित पोस्ट भी फेसबुक पर बनी रहती हैं, तो वहीं, कई पोस्ट अकारण ही विवा’दित बता कर हटा दी जाती हैं. इसी वजह से कंपनी ने’ फेसबुक से ट्रेंडिंग सेक्शन तक हटा दिया था.

फेसबुक ने कहा है कि इस बोर्ड में शामिल किए गए मेंबर्स 27 देशों में रह चुके हैं और वो 29 भाषाओं की समझ है. इस बोर्ड के चार को-चेयरमैन हैं जो अमेरिका के ही हैं. इसके अलावा एक चौथाई मेंबर्स भी अमेरिका के ही हैं. आपको बता दें कि फेसबुक एक अमेरिकी कंपनी है. फेसबुक ने अपने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा है कि ये बोर्ड कॉन्टेंट मॉडरेशन के एक नए दौर को दुनिया के सामने रखेगा. फेसबुक के इस बोर्ड में जर्नलिस्ट, जज, डिजिटल राइट ऐक्टिविस्ट और सरकार के पूर्व सलाहकार को रखा गया है जो अलग-अलग देशों से हैं.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें