‘जाको राखे साइयाँ, मार सके न कोय’- तीन दिन बाद क’ब्र से जिंदा निकली ये महिला

0
899

कहते हैं, पूत भले ही कपूत हो, लेकिन माता कभी कुमाता नहीं होती. कपूत तो दुनिया के हर हिस्से में, हर देश-हर काल में नज़र आते रहे हैं. ऐसा ही एक कपूत सामने आया है चीन से. यहाँ एक बेटे ने अपनी माँ की ह’त्या की कोशिश की और फिर उसे क’ब्र में जिंदा ही द’फना दिया. लेकिन कहते हैं न, ‘जाको राखे साइयाँ, मार सके न कोय’. इस महिला को अभी और जीना ही था. पु’लिस ने 3 दिन बाद इस महिला को क’ब्र से निकाला तो वो जिंदा ही मिली. ये घटना उत्तरी चीन की है. यहाँ पु’लिस ने क’ब्र में द’फना दी गई एक महिला को तीन दिन बाद जिंदा निकाला है.

आरोप है कि महिला के बेटे ने उसकी ह’त्या करने की कोशिश की और फिर म’रा समझकर उसके क’ब्र में द’फना दिया था. महिला को अचेत अवस्था में क’ब्र से निकाला गया. वह मिट्टी से कम गहराई में ही दबी थी. आ’रोपी शख्स की पत्नी ने पु’लिस को बताया था कि उसका पति अपनी मां को ठेले में रखकर दो मई को कहीं ले गया है. वह तब से लौटकर घर नहीं आई. इसके बाद पु’लिस ने आ’रोपी शख्स को गि’रफ्तार किया और उसकी मां के बारे में उससे पूछताछ की. जिसके बाद घ’टना की हकीकत सामने आई. मौके पर पहुंचने पर पु’लिस को लोगों ने बताया कि महिला को जब आ’रोपी शख्स ले जा रहा था तब वह कराह रही थी और बचाने के लिए आवाज लगा रही थी.

चीन के डेली चाइना अखबार समेत कई समाचार पत्रों ने खबर लिखते हुए कहा है कि इस मामले में पु’लिस विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला है. पु’लिस सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि आ’रोपी शख्स ने अपना जु’र्म कबूल कर लिया है. अभी मामले की जांच चल रही है इसलिए इस बारे में कोई सूचना नहीं दी जा सकती. आ’रोपी की पहचान 58 वर्षीय मा के रूप में हुई है जिसने अपनी 79 वर्षीय मां वांग को जिंदा द’फना आया था. बताया जा रहा है कि महिला को लकवा मा’र गया था और आ’रोपी उसकी देखभाल करते करते आजिज आ गया था.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें