कल किसी भी वक़्त भारत से टकरा सकता है ‘अम्फान’, होता जा रहा है और खतरनाक

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सुपर साइक्लोन ‘अम्फान’ भारतीय तटों पर दस्तक देने ही वाला है. 21 सालों के बाद कोई सुपर साइक्लोन भारत के तटीय इलाके से टकराने जा रहा है. इसको मद्देनज़र रखते हुए आर्मी, एयर फोर्स के साथ एनडीआरएफ को अ’लर्ट किया गया है. एनडीआरआफ चीफ एस एन प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब हम दो आप’दाओं से एक साथ लड़ रहे हैं. ये वक्त हमारे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है. एस एन प्रधान ने सुपर साइक्लोन अम्फान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ये साइक्लोन फोनी साइक्लोन के बराबर है. कल किसी भी वक्त यह भारतीय तट पर दस्तक दे सकता है. उन्होंने कहा कि एनडीआरअफ सहित तमाम विभाग लगातार निगरानी बनाएं हुए है. एनडीआरएफ की 15 टीम उड़ीसा में काम शुरू कर चुकी हैं. 19 टीमें वेस्ट बंगाल में काम कर रही हैं. दो टीमें को बंगाल में रिजर्व में रखा गया है. उन्होंने बताया कि अगर रिजर्व टीमों को मिलाकर बताया जाया तो लगभग 41 टीमें तैनात हो चुकी हैं.

एनडीआरआफ चीफ ने कहा कि हमने फोनी से सीख ली है और ऐसा पहली बार ऐसा हुआ है जब हम दोहरी आप’दा से जूझ रहे हैं. उन्होंने बताया कि हम लोगों को कोरोना वायरस के साथ-साथ इस भ’यंकर आप’दा से भी जूझना पड़ रहा है. हम लोग जितने भी राहत बचाव कर रहे हैं उन सभी में कोविड-19 की सुरक्षा पर भी ध्यान दे रहे हैं. प्रधान ने कहा, ” हम दोहरा चैलेंज फेज कर रहे हैं. हमारी 41 टीमें तैनात हैं जिसमें से सात टीमें रिजर्व रखी गई हैं. ये टीमें छह जिलों में तैनात की गई हैं. जहां भी ये तूफान ज्यादा तबा’ही मचा सकता है , उन जगहों पर टीमें लगाई गई हैं. ” एस एन प्रधान ने बताया, ‘ इसके अलावा अगर ये तूफान ज्यादा खत’रनाक स्थिति में पहुंचता है तो उसके लिए भी तैयारियां पूरी कर ली हैं.

एनडीआरएफ की कई टीमें स्टैंडबाई पर रखी गई हैं. ये टीमें बनारस, पुणे, चेन्नई और पटना में हैं. ये टीमें वहीं हैं जहां पर कि हवाई अड्डे हैं या फिर एयरफोर्स के स्टेशन हैं. अगर जरूरत पड़ेगी तो तुरंत एयरफोर्स के विमान से टीमों को प्रभावित जगहों पर लाया जाएगा. मौसम विभाग के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि अम्फान साइक्लोन साल 1999 के बाद बंगाल की खाड़ी में आया दूसरा भी’षण तूफ़ान है. इसकी हवा की रफ्तार 200 से 240 किलोमीटर प्रतिघंटा है और यह उत्तर और उत्तर पश्चिम दिशा की ओर से बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि जहां तक पश्चिम बंगाल की बात है, यहां पर उत्तर और दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिले साइक्लोन के असर से प्रभावित हो सकते हैं. इसके अलावा कोलकाता, हुगली. हावड़ा और वेस्ट मिदनापुर के इलाकों में हवा की रफ्तार काफी तेज हो सकती है.

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